

सत्यमेव न्यूज जालबांधा। ग्राम पंचायत जालबांधा में सरपंच संतोषी वर्मा के पति द्वारा कथित मनमानी के चलते ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में मुर्गा मछली दुकानों के लिए अब तक कोई व्यवस्थित स्थान तय नहीं किया गया है जिसके कारण ये दुकानें मुख्य सड़क पर ही संचालित हो रही हैं। इससे आवास पारा के रहवासियों को गंदगी और बदबू से जूझना पड़ रहा है वहीं सड़क पर दुकानें लगने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि साप्ताहिक बाजार के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। दुकान संचालक कचरा और अवशेष वहीं छोड़ देते हैं जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद पंचायत द्वारा सफाई और व्यवस्थापन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। मामले में आर्थिक अनियमितताओं के भी आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2024-25 में बाजार नीलामी से पहले ही करीब 39 हजार रुपये की वसूली की गई थी जिसे एक वर्ष तक पंचायत खाते में जमा नहीं किया गया। इस संबंध में की गई शिकायत के बाद जांच में मामला सही पाया गया है। इसके अलावा हाल ही में बाजार की नीलामी लाखों रुपये में होने के बावजूद पंचायत द्वारा गांव के विकास और व्यवस्थाओं की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच के हस्ताक्षर का दुरुपयोग उनके पति द्वारा किया जा रहा है और पंचायत के पैसों में हेरफेर की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है ताकि गांव में सुचारू व्यवस्था स्थापित हो सके और आमजन को राहत मिल सके।