महंगाई भत्ता व लंबित एरियर्स सहित चार सूत्रीय मांग को लेकर छग कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने की हड़ताल

सामूहिक अवकाश लेकर काम बंद कलम बंद आंदोलन में दिनभर रत् रहे कर्मचारी
मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
सत्यमेव न्यूज़ खैरागढ़. महंगाई भत्ता व लंबित एरियर्स सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों के त्वरित निराकरण को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध अधिकारी-कर्मचारियों ने एक दिवसीय अवकाश लेकर काम बंद कलम बंद हड़ताल की। जिला मुख्यालय के विश्वविद्यालय मार्ग पर आंबेडकर चौक में जुटे फेडरेशन के अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह से ही उपस्थिति देकर अपनी न्यायोचित मांग को लेकर आवाज बुलंद की। संघ के संरक्षक दिलीप सिंह बैस, पन्नालाल जंघेल, जिला संयोजक प्रखर शरण सिंह, महासचिव रमेन्द्र कुमार डड़सेना, सहसंयोजक सतीश श्रीवास्तव व जितेन्द्र कुमार बघेल, उपाध्यक्ष दीपक तिवारी, हर्षबहादुर सिंह, गीर मोहम्मद कुरैशी, खुमान यादव, विनोद कुमार सिंह, देवेन्द्र सिंह चंदेल, जीआर टंडन, दुर्जन राम जंघेल, अजय श्रीवास्तव, भागवत साहू, धु्रव कुमार सोनी, रूपकुमार यदु, प्रेमलाल पाल, चंद्रमणी चौबे, हिरांतक द्विवेदी, दिनेश सिंह बैस, रघुवीर तिवारी, संगठन सचिव संजय श्रीवास्तव, संजय सिंह राजपूत, नवीन कुमार महोबे, संजय श्रीवास्तव, रघुनाथ सिन्हा, मनोज शुक्ला, चंद्रशेखर माली, असत उल हक, विजय निर्मलकर, सफीर अहमद खान, कौशल श्रीवास्तव, परमानंद चंदेल, जेएन साठिया सहित फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मांग को लेकर कहा कि बीते 6 अगस्त को फेडरेशन ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंप अपनी चार सूत्रीय मांग को लेकर उन्हें अवगत कराया था वहीं प्रदेश के विधायकों व सांसदों को इस संबंध में ज्ञापन सौंप सूचना दी गई थी वहीं बीते 11 सितंबर को जिला व ब्लॉक स्तर पर मशाल रैली निकालकर जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को पुनः मांगों को लेकर अवगत कराया गया था। हड़ताल के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने धरना स्थल अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर सामूहिक ज्ञापन सौंपा हैं। इस दौरान मांगे पूरी करने आंदोलनकारी कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। ज्ञात हो कि छग सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को मोदी की गारंटी के तहत लगातार पत्राचार कर अपनी मांगे मनवाने निवेदन किया जा रहा है लेकिन मांगों के निराकरण के लिये शासन स्तर पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है जिससे अधिकारी-कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। चुनाव में किये वादे के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को केन्द्र के समान 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने तथा जुलाई 2019 से महंगाई भत्तों के एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में करने, शासकीय सेवकों को 4 स्तरीय समयमान वेतनमान देने, केन्द्र के समान गृह भाड़ा भत्ता देने एवं मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर प्रदेश के शासकीय सेवकों को अर्जित अवकाश, नगदीकरण 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने का लुभावना वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद प्रदेश की भाजपा नीत साय सरकार अपने वादे से मुकर गई है। इसलिये बार-बार शासन का ध्यान आकृष्ट करने फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारी-अधिकारी आंदोलनरत हैं और झन करव इनकार, हमर सुनव सरकार बैनर के तहत आगामी दिनों चरणबद्ध आंदोलन का भी निर्णय लिया गया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की साय सरकार अगर वादे के अनुरूप उनकी मांगे पूरी नहीं करती तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।