
अब नहीं होगी लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या
बाजार अतरिया। वर्षों से लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अनियमित बिजली आपूर्ति से जूझ रहे बाजार अतरिया क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत अतरिया विद्युत उपकेंद्र में बड़ा तकनीकी उन्नयन करते हुए 3.15 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को हटाकर 5 एमवीए का अत्याधुनिक ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। इस नए ट्रांसफार्मर को विधिवत चार्ज कर दिया गया है जिससे उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता अब बढ़कर 15 एमवीए हो गई है। इस उन्नयन से क्षेत्र में केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा ऐसा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इससे बाजार अतरिया सहित आसपास के 13 गांवों के लगभग 2580 घरेलू उपभोक्ताओं और 6 गांवों के 463 कृषि पंप कनेक्शनों को सीधा और स्थायी लाभ मिलेगा। लंबे समय से ग्रामीणों को कम वोल्टेज के कारण पंखा, मोटर और अन्य घरेलू उपकरण तक ठीक से नहीं चल पा रहे थे वहीं किसानों को सिंचाई के लिए रात-रात भर इंतजार करना पड़ता था।
धान के सीजन में सबसे ज्यादा होती थी परेशानी
क्षेत्र के किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या धान सीजन के दौरान सामने आती थी जब बिजली की मांग बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक भार पड़ता था। परिणामस्वरूप बार-बार ट्रिपिंग, लाइन फॉल्ट और लो-वोल्टेज की स्थिति बनती थी। कई बार किसानों को आधी रात में खेतों तक जाना पड़ता था लेकिन पंप चालू नहीं हो पाते थे। इससे फसल की सिंचाई प्रभावित होती थी और उत्पादन पर भी सीधा असर पड़ता था। अब नए 5 एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थापित होने के बाद इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षमता वृद्धि के बाद अब उपकेंद्र पर अतिरिक्त लोड का दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

ग्रामीणों ने जताई खुशी, बोले- अब मिलेगी राहत
नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले शाम होते ही बिजली की स्थिति खराब हो जाती थी। पंखे धीमे चलते थे, बल्ब टिमटिमाते थे और मोटर चलाना लगभग असंभव हो जाता था। अब उम्मीद है कि यह समस्या दूर होगी और घरों के साथ-साथ खेती-किसानी का काम भी सुचारू रूप से चल सकेगा। ज्ञात हो कि बिजली विभाग ने इस उन्नयन को केवल वर्तमान समस्या का समाधान ही नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी महत्वपूर्ण बताया है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में क्षेत्र में बिजली की मांग और बढ़ेगी ऐसे में यह 5 एमवीए ट्रांसफार्मर उस बढ़ते लोड को भी आसानी से संभाल सकेगा। उक्त कार्य को खैरागढ़ के कार्यपालन अभियंता आलोक दुबे के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान प्रोजेक्ट संभाग राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता एम.के. साहू, कार्यपालन अभियंता (एसटीएम) ए.डी. टंडन, सहायक अभियंता ममता कर्मकार, सहायक अभियंता के.के. सुनहरे (अमलीपारा) तथा कनिष्ठ अभियंता आर.पी. बंजारे सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे क्षेत्रीय विकास, ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप लगातार ऐसे कार्य किए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों जैसी बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
जानकारों का मानना है कि बिजली आपूर्ति में सुधार का सीधा असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। समय पर सिंचाई होने से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी इसके साथ ही छोटे व्यवसाय, दुकानदार और अन्य घरेलू गतिविधियां भी अब निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगी। बाजार अतरिया उपकेंद्र में किया गया यह उन्नयन न केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि बिजली की समस्या बीते दिनों की बात बन जाएगी और आने वाला समय बेहतर सुविधाओं के साथ गुजरेगा।