
जालबांधा व मुढ़ीपार को मिला एक-एक करोड़
बाजार अतरिया की प्रक्रिया एनओसी में अटकी
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। जिले के अंतिम छोर पर स्थित बाजार अतरिया को इस बार के प्रदेश बजट में भी निराशा हाथ लगी है। जालबांधा और मूढ़ीपार के नवीन शासकीय महाविद्यालयों को भवन निर्माण के लिए एक एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है जबकि बाजार अतरिया महाविद्यालय के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई। तीनों स्थानों पर एक साथ कॉलेज स्वीकृत होने के बावजूद बजट में असमानता को लेकर क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं। करीब तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी बाजार अतरिया का महाविद्यालय अपने भवन से वंचित है। वर्तमान में कक्षाएं डबल शिफ्ट में संचालित हाई स्कूल भवन में लग रही हैं। भवन अभाव के कारण छात्र-छात्राओं का रुझान कम है और कई विद्यार्थी 15-20 किलोमीटर दूर अन्य महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। बालिकाओं को दूरी तय करनी पड़ रही है जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। भवन निर्माण के लिए ग्राम सोनपुरी मार्ग स्थित खसरा नंबर 601, रकबा 5 एकड़ भूमि प्रस्तावित है। ग्राम पंचायत, पर्यावरण, वन, खनिज, स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग से लगभग सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुके हैं लेकिन विद्युत विभाग की आपत्ति के कारण मामला अटका हुआ है। प्रस्तावित स्थल से 11 केवी उच्चदाब लाइन के छह फीडर, 25 केवी ट्रांसफॉर्मर डीपी स्ट्रक्चर और निम्नदाब लाइन गुजर रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाइन शिफ्टिंग के बिना निर्माण संभव नहीं होगा। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते बाजार अतरिया को बार बार उपेक्षा झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए विशेष बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की है। प्रमुख जंक्शन होने के बावजूद विकास कार्यों का अधूरा रहना अब जनचर्चा का विषय बन गया है।
