

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए जिले में सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत कर दी गई है। भारत सरकार ने वर्ष 2027 तक देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी उद्देश्य से जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कलेक्ट्रेट सभागृह में स्वयं दवा का सेवन कर किया। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है और इसका प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है इसलिए समय पर दवा का सेवन ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। साथ ही उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा और जिला भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर दवा का सेवन किया और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, वीबीडी टेक्निकल सुपरवाइजर विवेक मेश्राम, आरएचओ संतोष बर्वे, आरएचओ युवराज वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के दोनों विकासखंडों में कुल 4 लाख 36 हजार 943 जनसंख्या में से लगभग 3 लाख 93 हजार 249 पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों की मदद से घर-घर पहुंचकर दवा सेवन कराया जाएगा। जिले में अभियान के सफल संचालन के लिए 810 प्रशिक्षित दवा प्रशासक दल गठित किए गए हैं। इसके अलावा 806 बूथ और 16 स्वास्थ्य केंद्रों में एमडीए कॉर्नर बनाए गए हैं। बिहान समूह द्वारा भी जनजागरूकता और प्रचार प्रसार में सक्रिय सहयोग किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। इसके बाद 13 से 23 फरवरी तक स्वास्थ्य दल घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगे। वहीं 24 और 25 फरवरी को छूटे हुए लोगों को दवा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त पूरे अभियान अवधि के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों की ओपीडी के पास भी एमडीए कॉर्नर के माध्यम से दवा सेवन की व्यवस्था रहेगी। अभियान के तहत दो वर्ष से कम आयु के बच्चों गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी पात्र लोगों को आयु के अनुसार डीईसी और एलबेंडाजोल की दवा निःशुल्क दी जाएगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं दवा का सेवन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें ताकि जनसहभागिता से जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।