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प्रचंड गर्मी के बीच उपचार व्यवस्था पर उठे सवाल: गोकुल नगर में दो मौतों से दहशत

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भीषण गर्मी और समय पर समुचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने के आरोपों के बीच खैरागढ़ शहर के नया टिकरापारा स्थित गोकुल नगर वार्ड में दो अलग-अलग परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ ही दिनों के अंतराल में वार्ड के दो लोगों की मौत ने पूरे इलाके को शोक और भय के माहौल में डाल दिया है। दोनों मामलों में परिजनों ने स्थानीय अस्पतालों में विशेषज्ञ उपचार और पर्याप्त सुविधा के अभाव की बात कही है। लगातार रेफर किए जाने और उपचार में देरी को लेकर लोगों में प्रशासन एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।

गोकुल नगर निवासी दीपक यादव (41 वर्ष) पिता सालिक राम यादव की उपचार के दौरान रायपुर में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार 5 मई को दोपहर लगभग 2 बजे भोजन करने के बाद अचानक उनका ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ गया जिसके बाद उन्हें पैरालिसिस अटैक आया और ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजन तत्काल उन्हें खैरागढ़ सिविल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उनका बीपी काफी अधिक पाया गया। आरोप है कि अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अन्यत्र ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन दीपक को खैरागढ़ के निजी आरडी मेमोरियल अस्पताल ले गए लेकिन वहां भी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से रायपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचे जहां से भी उन्हें रायपुर भेज दिया गया। रायपुर स्थित एम्स में भर्ती के प्रयास किए गए लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी देकर मेकाहारा रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार मेकाहारा और एक अन्य निजी अस्पताल में भी भर्ती नहीं लिया गया। अंततः एसके केयर अस्पताल रायपुर में उनका उपचार शुरू हुआ जहां 23 मई की देर रात दीपक यादव ने दम तोड़ दिया। दीपक यादव अपने पीछे पत्नी तारिणी यादव और दो मासूम बेटियां 6 वर्षीय सृष्टि एवं 3 वर्षीय दृष्टि को छोड़ गए हैं। शनिवार दोपहर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान परिजनों की चीख-पुकार ने मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

इसी वार्ड की निवासी श्रीमती रश्मि यादव (23 वर्ष) पति विनय यादव की भी भीषण गर्मी के बीच उपचार के दौरान मौत हो गई। रश्मि का विवाह लगभग तीन वर्ष पूर्व हुआ था और उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी श्री है।
पति विनय यादव ने बताया कि 21 मई को तेज गर्मी के कारण रश्मि को अचानक चक्कर आया और उल्टी शुरू हो गई। उन्हें तत्काल सिविल जिला अस्पताल ले जाया गया जहां पर्ची बनाकर दवा एवं इंजेक्शन दिए गए और वापस घर भेज दिया गया। अगले दिन रश्मि को तेज बुखार और दस्त शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें खैरागढ़ के निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने डिहाइड्रेशन की आशंका जताते हुए उच्च उपचार के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद रश्मि को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव ले जाया गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल में ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई लेकिन दूसरी बोतल के दौरान उन्हें ठंड लगने लगी और अचानक ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया। रायपुर एम्स में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन शनिवार सुबह लगभग 6 बजे उनका निधन हो गया। रश्मि की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। डेढ़ साल की मासूम बच्ची के सिर से मां का साया उठ जाने से पूरा मोहल्ला भावुक है।

गोकुल नगर में कम समय के भीतर हुई दो मौतों ने खैरागढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौर में जिले की सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर, आपातकालीन उपचार और गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। लगातार रेफर किए जाने से मरीजों की स्थिति और बिगड़ रही है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल मजबूत किया जाए तथा गंभीर मरीजों के लिए जिला स्तर पर पर्याप्त उपचार सुविधा सुनिश्चित की जाए।

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