पूज्य भंते सरीपुत्र एवं भिक्खुनी माता कल्याण बोधि के आगमन से खैरागढ़ में गूंजा बुद्ध धम्म का संदेश

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। धर्म, करुणा और मानव समानता के संदेश के साथ पूज्य भंते सरीपुत्र एवं पूज्य भिक्खुनी माता कल्याण बोधि डोंगरगढ़ का शुक्रवार को खैरागढ़ आगमन हुआ। एकदिवसीय प्रवास पर पहुंचे पूज्य भंतेद्वय का बौद्ध समाज एवं महाबोधि बुद्ध विहार कल्याण समिति द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वागत किया गया। दाऊचौरा स्थित महाबोधी बुद्ध विहार में आयोजित कार्यक्रम में भिक्षु संघ ने उपासक एवं उपासिकाओं के साथ त्रिशरण एवं पंचशील का पाठ कराया तथा बुद्ध वंदना संपन्न कराई। पूज्य भंतेजनों ने भगवान बुद्ध के धम्म तथा भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित समानता, मानवता और सामाजिक न्याय की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बुद्ध धम्म विश्व शांति, सद्भाव और समता का मार्ग प्रशस्त करता है तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। धम्म देशना के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने करुणा, मैत्री एवं सदाचार पर आधारित उपदेशों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में समाज के संरक्षक मधुकर चोखान्द्रे, प्रमुख सलाहकार अनुराग शांति तुरे, अध्यक्ष उत्तम बागड़े, महिला अध्यक्ष कविता नागदेवे, अनिल सहारे, सचिव विमल बोरकर, यामिनी नागदेवे सहित बड़ी संख्या में उपासक एवं उपासिकाएं उपस्थित रहीं। इसके पश्चात महाबोधि बुद्ध विहार कल्याण समिति के सानिध्य में सात्विक भोजन ग्रहण करने उपरांत पूज्य भंतेद्वय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के समीप बौद्ध समाज की निर्माणाधीन भूमि पर पहुंचे। यहां स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष विश्व शांति एवं जनकल्याण की भावना के साथ विशेष वंदना की गई। इस अवसर पर इंजीनियर कुँवर नागदेवे एवं बॉबी नागदौने विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। पूज्य भंतेजनों के आगमन से खैरागढ़ के बौद्ध समाज में विशेष उत्साह एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

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