
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत खैरागढ़ में एक दुर्लभ पाण्डुलिपि को संरक्षित किया गया है। यह पाण्डुलिपि सेवानिवृत्त शिक्षक गोपाल दीक्षित के पास सुरक्षित थी जिसे अब मिशन के तहत संरक्षण एवं डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक पाण्डुलिपि में घोड़ों से संबंधित पारंपरिक भारतीय ज्ञान का विस्तृत विवरण दर्ज है। इसमें विभिन्न नस्लों की विशेषताएं पालन-पोषण की पारंपरिक विधियां, प्रशिक्षण, देखभाल, उपयोगिता तथा देसी उपचार पद्धतियों का उल्लेख किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दस्तावेज भारतीय लोक परंपरा, पशुपालन संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली का महत्वपूर्ण स्रोत माना जा रहा है। ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से जिले में प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य लगातार किया जा रहा है। साथ ही इन धरोहरों का डिजिटलीकरण कर उन्हें भावी पीढ़ियों और शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित रखने की पहल भी की जा रही है। इस अवसर पर एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू ने कहा कि पाण्डुलिपियां देश की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण से पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान मिलेगी तथा शोध एवं अध्ययन के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी।