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डोंगरगढ़ की चंदिया पहाड़ पर नर तेंदुए की रहस्यमयी मौत

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़/डोंगरगढ़। वन्य जीव संरक्षण के दावों के बीच धर्मनगरी डोंगरगढ़ की चंदिया पहाड़ क्षेत्र से एक नर तेंदुए की मौत की खबर सामने आई है। वन विभाग की गश्त के दौरान मृत अवस्था में मिले तेंदुए के मामले में प्रथम दृष्टया मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया है हालांकि लगातार हो रही वन्य प्राणियों की मौतें और शिकार की घटनाएं संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं। ज्ञात हो कि दिनांक 02 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 09:30 बजे वन विभाग के मैदानी अमले द्वारा डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 416 शिवपुरी परिसर अंतर्गत चंदिया पहाड़ क्षेत्र में गश्त के दौरान एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी एवं पशु चिकित्सकों की त्रि-स्तरीय टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर विधिवत स्थल पंचनामा तैयार किया गया। पशु चिकित्सकों द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण में तेंदुए का सम्पूर्ण शरीर सुरक्षित पाया गया।

माप-जोख के उपरांत तेंदुए की आयु लगभग 8 से 9 वर्ष आंकी गई। इसके बाद मौके पर ही तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मृत्यु का कारण विभाग द्वारा प्राकृतिक बताया गया है हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए तेंदुए के आंतरिक अंगों के नमूने अग्रिम जांच हेतु पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा भेजने की प्रक्रिया की गई जिसके बाद व्यस्क नर तेंदुए की मौत रहस्यमयी हो गई है। बताया गया है कि सभी वैधानिक औपचारिकताओं के पश्चात मृत तेंदुए का विधिवत अग्नि दाह संस्कार किया गया।

खैरागढ़ और डोंगरगढ़ वन क्षेत्र में हाल के वर्षों में तेंदुआ, भालू हिरण जैसे संरक्षित वन्य प्राणियों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं शिकार तो कहीं करंट तो कहीं संदिग्ध परिस्थितियों में वन्य प्राणियों की मौत की घटनाओं ने यह संकेत दिया हैं कि वन्य प्राणी आज भी शासन प्रशासन के आधुनिक और विकसित दावों के बीच सुरक्षित नहीं हैं। वन विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में भी मानव हस्तक्षेप, आवासीय दबाव, अवैध गतिविधियां और पर्यावरणीय असंतुलन एक बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।

वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह जरुर कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी प्रकार की मानवीय लापरवाही या अपराध की पुष्टि होती है तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल डोंगरगढ़ के चंदिया पहाड़ क्षेत्र संरक्षित वन्य प्राणी तेंदुआ की मौत कई अहम सवाल उठा रही है। तेंदुए की मौत भले ही प्रथम दृष्टया प्राकृतिक बताई जा रही हो लेकिन यह घटना एक बार फिर वन्य जीव संरक्षण की जमीनी हकीकत को उजागर करती है और ऐसे में आवश्यकता है कि वन क्षेत्रों में निगरानी, जनजागरूकता और कानून के सख्त क्रियान्वयन से वन्य प्राणियों को वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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