जिले के 23 अधिकृत केंद्रों से 4.87 लाख से अधिक आधार कार्ड जनरेट

सुचारु रूप से संचालित हो रही आधार सेवाएं

कलेक्टर की अध्यक्षता में DLAMC की हुई समीक्षा बैठक

4 हजार 170 विद्यार्थियों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को दी जायेगी प्राथमिकताखैरागढ़। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति (DLAMC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आधार कवरेज, आधार नामांकन एवं अद्यतन सेवाओं, नए आधार केंद्रों की उपलब्धता तथा स्कूली बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आधार सेवाओं को सुचारू और अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया।*अब तक 4 लाख 87 हजार 97 आधार कार्ड जनरेट*ज्ञात हो कि जिले में अब तक 4 लाख 87 हजार 97 आधार कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की आबादी का आधार कवरेज भी शत-प्रतिशत पूर्ण बताया गया है वहीं 18 वर्ष से अधिक तथा 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के आधार आवेदनों के संबंध में राज्य पोर्टल पर वर्तमान में कोई लंबित प्रकरण नहीं है वहीं आधार संबंधी सेवाओं का संचालन कुल 23 केंद्रों से किया जा रहा है। इनमें आधार सेवा केंद्र के 22 तथा इंडिया पोस्ट का 1 केंद्र शामिल है। इन केंद्रों के माध्यम से आधार में मोबाइल नंबर अद्यतन करने सहित 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के नए आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर नए आधार केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए जहां वर्तमान में आधार सेवाओं की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। बैठक में स्कूली विद्यार्थियों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर विशेष ध्यान दिया गया। UDISE+ पोर्टल के अनुसार जिले के 642 स्कूलों में 4 हजार 170 विद्यार्थियों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इनमें संस्कार भारती स्कूल ठेलकाडीह में 92, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ठाकुरटोला में 75 तथा स्वामी आत्मानंद विद्यालयों सहित अन्य प्रमुख स्कूलों में भी विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। समिति ने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को स्कूलवार कार्ययोजना बनाकर शिविर आयोजित करने तथा विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में कलेक्टर ने आधार सेवाओं की नियमित निगरानी, लंबित प्रकरणों की निरंतर समीक्षा और नागरिकों को आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बताया गया है कि DLAMC द्वारा आधार से संबंधित गतिविधियों की प्रत्येक तीन माह में समीक्षा कर प्रगति की निगरानी की जाएगी।

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