सड़क चिरचारी से जोब सड़क मार्ग अत्यन्त जर्जर

भाजपाई एवं ग्रामीण करेंगे चक्काजाम
समय बढ़ाने एसडीएम ने ली बैठक
प्रशासन की बैठक के बाद भी अड़े भाजपाई
सत्यमेव न्यूज़/छुरिया. वनांचल क्षेत्र में सड़कें अत्यन्त जर्जर अवस्था में है. सड़कों से डामर की परतें उखड़ गई है. जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है, जहां ग्रामीणों का चलना भी दूभर हो गया है. इसी मुद्दे को लेकर विगत दिनों भाजपाईयों एवं ग्रामीणों की खोभा में वृहद स्तर पर बैठक आहूत की गई थी, जहां सर्वसम्मति से सड़क चिरचारी से लेकर खोभा एवं जोब तक नवनिर्माण सड़क की मांग को लेकर दो फरवरी को जैतगुड़रा से सड़क चिरचारी तक आठ किलोमीटर की पदयात्रा निकाल कर नेशनल हाईवे मार्ग पर सभा पश्चात चक्काजाम किये जाने का निर्णय लिया गया है.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम की खबर लगते ही शासन प्रशासन हरकत में आया और आज मंगलवार को स्थानीय रेस्ट हाऊस में जिला एवं भाजपा मण्डल के पदाधिकारियों के साथ शाम पांच बजे बैठक आहूत की गई. इस बैठक में प्रशासन की तरफ से एसडीएम सुनील नायक, एसडीओपी डोंगरगढ़ प्रभात पटेल, तहसीलदार श्रीमती अनुरिमा टोप्पो एवं लोकनिर्माण विभाग के एसडीओ हर्षद साहू, थाना प्रभारी छुरिया रामावतार धुर्वे, बागनदी थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह, के साथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद डड़सेना, एम.डी.ठाकुर, भुनेश्वर साहू, भाजपा मण्डल अध्यक्ष रविन्द्र वैष्णव, भाजपा महामंत्री संजय सिन्हा, भाजयुमो अध्यक्ष कान्ता साहू, सांसद प्रतिनिधि सुरेन्द्र सिंह भाटिया, राधेश्याम शर्मा, शेखर भरद्वाज, मनीष जैन, टीकम साहू, मयाराम साहू, राजेश्वर धुर्वे, के समक्ष सड़क नवनिर्माण एवं चक्काजाम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. तय तिथि को बढ़ाने को लेकर एसडीएम सुनील नायक ने भाजपाईयों को काफी मनाने की कोशिश की लेकिन उसके बाद भी भाजपाई दो फरवरी को आयोजित कार्यक्रम की रूपरेखा से पीछे हटने तैयार नहीं हुए. बैठक में उपस्थित भाजपा नेताओं ने कहा कि निश्चित तिथि को लेकर शासन प्रशासन को पत्र लेखन के माध्यम से अवगत करा दिया गया है.
12 किलोमीटर सड़क के लिए प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली
सड़क चिरचारी से खोभा, जोब तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी है, जहां सड़कें अत्यन्त दयनीय स्थिति में है. लोक निर्माण विभाग अंतर्गत इस सड़क नवनिर्माण को बजट में शामिल किया जा चुका है लेकिन इसकी प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिल पायी है, यही वजह है कि पिछले दो सालों से सड़क का निर्माण अटका हुआ है.