Advertisement
Uncategorized

जस झांकी प्रतियोगिता में झलकी लोक संस्कृति, कलाकारों को मंच देना ही सम्मान – विक्रांत सिंह

सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। ग्राम भीमपुरी एवं आमाघाट कादा में आयोजित जस झांकी प्रतियोगिता में लोक संस्कृति की समृद्ध झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और जस मंडलियों व कलाकारों का सम्मान कर उनका उत्साह बढ़ाया। अपने संबोधन में विक्रांत सिंह ने कहा कि कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना ही उनका वास्तविक सम्मान है। उन्होंने कहा कि जस झांकी जैसे आयोजन ग्रामीण अंचलों की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इन्हें निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी माह से व्यापक सर्वे अभियान शुरू किया जाएगा। लगभग 10 से 12 वर्षों के बाद यह सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी संकलित करेंगे। जो लोग रोजगार के लिए बाहर हैं उन्हें भी बुलाकर अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से सर्वे में शामिल किया जाएगा। सर्वे के आधार पर ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं की किश्त जल्द ही एक साथ जारी की जाएगी। भूमिहीन हितग्राहियों को पंजीयन के माध्यम से 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की बात भी कही। कार्यक्रम के दौरान विक्रांत सिंह ने भीमपुरी में मंच निर्माण तथा आमाघाट कादा स्थित शीतला मंदिर में मंच निर्माण के लिए 3-3 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा शाकंभरी देवी माता मंदिर में टाइल्स एवं ग्रिल कार्य हेतु एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मरघट कड़ा पंचायत के आयोजकों द्वारा विक्रांत सिंह का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर खम्मन ताम्रकार, ललित चोपड़ा, केशव चंदेल, हरप्रसाद वर्मा, जैनेंद्र वर्मा, नरेश कुर्रे, कुसुम जंघेल, कांति ओमप्रकाश पटेल, लेखा जीवन साहू, देवकुमार सेन, हिमांचल सिंह राजपूत सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Satyamev News

आम लोगों की खास आवाज

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page