गौ संवर्धन व संरक्षण को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भारतीय शक्ति चेतना पार्टी व भगवती मानव कल्याण संगठन ने दिया ज्ञापन
सत्यमेव न्यूज़/खैरागढ़. गौ माता के संरक्षण व संवर्धन को लेकर समाजसेवी संस्था भारतीय शक्ति चेतना पार्टी व भगवती मानव कल्याण संगठन ने केसीजी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है. सौंपे ज्ञापन में संगठन के पदाधिकारियों ने बताया है कि गौमाता भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का महत्वपूर्ण आधार है. प्राचीनकाल से ही भारतीय समाज में गौमाता का स्थान पूज्यनीय रहा है. जहाँ गौमाता का दूध, दही, घी आदि का उपयोग खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है वहीं गोमूत्र व गोबर का उपयोग चिकित्सा एवं खाद व कीटनाशक आदि बनाने में किया जाता है. यह अत्यंत ही खेद का विषय है कि हम प्रकृति की दी हुई अद्वितीय एवं अलौकिक कृति को उचित वातावरण भी नहीं दे पा रहे हैं जो मानव समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. वर्तमान में गौमाता को सडक़ों व चौराहों पर ही छोड़ दिया जाता है. उनके चरने की भूमि धीरे-धीरे खत्म हो चुकी है जिससे वह भूख-प्यास के साथ ही गंभीर रोग के कारण मृत्यु को प्राप्त हो रही है और सरकारी गौशालाएं अव्यवस्था एवं भ्रष्टाचार की वजह से विफल हो रही है साथ ही गौवंशों की प्रतिदिन हो रही हत्या सनातन धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है. उन्होंने बताया कि भारतीय शक्ति चेतना पार्टी राष्ट्र की सेवा के लिए पूर्णत संकल्पित पार्टी है जिसका लक्ष्य नशे-मांसाहार, भय-भूख-भ्रष्टाचार, जातियता, छुआछूत, संप्रदायिकता एवं धर्मांधता से मुक्त, शिक्षित, समृद्धशाली, शक्तिशाली एवं स्वावलंबी राष्ट्र का निर्माण है साथ ही गौमाता की रक्षा के लिये भी पार्टी दृढसंकल्पित है.
गौ संवर्धन व संरक्षण के लिये रखी मांग
संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से गौ संवर्धन व संरक्षण की मांग करते हुये कहा है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 48 गौवंशों के संरक्षण एवं उनकी हत्या को प्रतिबंधित करता है. वर्तमान परिस्थिति में गौमाता को सुरक्षित व संरक्षित करने का एकमात्र उपाय गौ अभ्यारण्य है जहाँ शेर, चीतों एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवों की तरह ही गायों के लिए भी देश के प्रत्येक जिलों में एक-एक प्राकृतिक स्थानों/जंगलों का चयन कर उसकी सीमा रेखा तय करके उसे पूर्णत: सुरक्षित किया जाये जहाँ बेसहारा गायों को रखा जा सके. इसके साथ ही इनकी देखरेख व उपचार आदि की व्यवस्था के लिये अलग से एक विभाग भी बनाया जाये जिससे रोजगार का भी एक अवसर बढ़ेगा. गौ अभ्यारण्य में विशेष नियमों के तहत दुधारू गायों को आम जनमानस को प्रदान करने एवं जब गाय दूध देना बंद कर दे तो उसे पुन: नजदीकी गौ अभ्यारण्य में छोडऩे का भी प्रवधान बनाया जाये जिससे आम जनमानस को भी इस पावन कार्य से जोड़ा जा सके. गौहत्या निषेध कानून जो राज् यों की इच्छा पर निर्भर है, उसे केन्द्र सरकार के द्वारा देश स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाय ताकि गौहत्या को पूर्णत: बंद किया जा सके.
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