खैरागढ़ की प्रो.मांडवी सिंह को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ की पहली कुलपति बनने का प्राप्त हुआ गौरव

कुलपति बनाने उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया आदेश
मांडवी खैरागढ़ विश्वविद्यालय में दो बार रह चुकी हैं कुलपति
सत्यमेव न्यूज़ खैरागढ़. खैरागढ़ के साथ छत्तीसगढ़ के लिये एक और गौरवमयी उपलब्धि जुड़ गई है, उत्तर प्रदेश सरकार ने खैरागढ़ की प्रो.डॉ.मांडवी सिंह को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ की पहली कुलपति बनने का आदेश जारी किया है. जारी आदेश के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रो.मांडवी सिंह को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का पहला कुलपति नियुक्त किया है. संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा बुधवार को जारी आदेश के मुताबिक छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह को राज्यपाल के अनुमोदन के बाद लखनऊ स्थित भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का पहला कुलपति नियुक्त किया गया है.

संगीत पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले इस विश्वविद्यालय को पहले भातखंडे संगीत संस्थान के तौर पर जाना जाता था. वर्ष 1926 में विष्णु नारायण भातखंडे द्वारा स्थापित इस संस्थान को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने वर्ष 2000 में डीम्ड-विश्वविद्यालय घोषित किया था, जिसे इसी साल भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय अधिनियम के जरिए राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है. गौरतलब है कि प्रो.मांडवी सिंह इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कथक विभाग में प्रोफेसर हैं और वर्तमान में बीते 10 माह से भारतीय उच् च अध्ययन संस्थान शिमला में फेलो भी हैं. प्रो.मांडवी दो बार खैरागढ़ विश्वविद्यालय की कुलपति रह चुकी हैं.