Uncategorized

केसीजी जिले में ब्लॉक कांग्रेस की कमान नए सिपाहियों को, डॉ.भारद्वाज, सिरमौर, चंदेल, वर्मा बने ब्लॉक अध्यक्ष

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। केसीजी जिले में कांग्रेस संगठन का नया ढांचा केवल पदों का पुनर्वितरण नहीं बल्कि पार्टी के भीतर शक्ति-संतुलन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। लंबे समय से लंबित नियुक्तियों के बाद प्रदेश नेतृत्व ने आखिरकार शहर और ब्लॉक स्तर पर कमान सौंप दी लेकिन यह निर्णय संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ गुटीय समझौते और राजनीतिक दबावों का नतीजा भी माना जा रहा है। खैरागढ़ शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चली आ रही अंदरूनी खींचतान में अंततः संतुलन की जीत हुई। कई दावेदारों और सक्रिय खेमों के बीच खैरागढ़ कांग्रेस के प्रखर नेता डॉ.अरुण भारद्वाज की ताजपोशी कर प्रदेश नेतृत्व ने यह साफ कर दिया कि फिलहाल संगठन टकराव नहीं बल्कि अनुभव और स्वीकार्यता के सहारे आगे बढ़ना चाहता है। डॉ.भारद्वाज की नियुक्ति को विधायक गुट की रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है जिससे जिला स्तर पर उसका प्रभाव और मजबूत हुआ है हालांकि ब्लॉक अध्यक्षों के चयन में तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आयी है। खैरागढ़ ग्रामीण में विधायक खेमे के काफ़ी नजदीक कांग्रेस के युवा और सेवाभावी नेता संदीप सिरमौर, छुईखदान शहर में दोबारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामकुमार पटेल, मुढ़ीपार में कांग्रेस के सक्रिय नेता तेजराम वर्मा और गंडई में जिला पंचायत चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को चुनौती देने वाले शत्रुघ्न (मन्नू) चंदेल की नियुक्तियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार ब्लॉक स्तर पर विधायक खेमे की पकड़ निर्णायक रही। यह चयन विधायक की जमीनी रणनीति और संगठन पर उनकी बढ़ती पकड़ का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश नेतृत्व ने जानबूझकर जिला और ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग खेमों को साधते हुए संगठन को संतुलन में रखने की कोशिश की है ताकि आगामी चुनावों से पहले किसी एक गुट का वर्चस्व असंतोष का कारण न बने यही वजह है कि जहां जिला अध्यक्ष पद से नवाज गुट संतुष्ट नजर आ रहा है वहीं ब्लॉक अध्यक्षों की सूची ने विधायक समर्थकों को उत्साह से भर दिया। ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा के बाद विधायक खेमे में खुले तौर पर जश्न मनाया गया। आतिशबाजी और मिठाइयों के वितरण ने यह संदेश साफ कर दिया कि संगठन के निचले स्तर पर अब फैसलों की धुरी बदल रही है। यह उत्साह केवल खुशी नहीं बल्कि आने वाले चुनावी रण के लिए शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है क्योंकि इसी साल दिसंबर माह में खैरागढ़ नगर पालिका का बहुप्रतिष्ठित चुनाव होने हैं। कुल मिलाकर केसीजी जिले में कांग्रेस का यह संगठनात्मक पुनर्गठन आने वाले समय में पार्टी की अंदरूनी राजनीति को नई दिशा देगा ऐसा कहा जा सकता है और बहरहाल यह बदलाव जहां एक ओर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश है वहीं दूसरी ओर यह स्पष्ट संकेत भी है कि विपक्ष में बैठी कांग्रेस अब जिले में चुनावी मोड में आ चुकी है जहां हर नियुक्ति के पीछे सियासी गणित और भविष्य की तैयारी छिपी हुई है।

Satyamev News

आम लोगों की खास आवाज

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page