
छुईखदान के टिकरीपारा से ढिमरिन कुआं तक सफर हुआ बेहद मुश्किल
भरी बारिश में जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। कवर्धा-खैरागढ़ को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति के कारण आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। छुईखदान के टिकरीपारा से ढिमरिन कुआं तक सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। डामर गायब हो गया है और सड़क पर गिट्टी-पत्थर बिखरे होने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग सबसे अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है। यह सड़क क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है जहां से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। स्कूली विद्यार्थी कर्मचारी व्यापारी किसान मरीज और यात्री इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। खराब सड़क के कारण आए दिन दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं हो रही हैं जिनमें कई लोग घायल भी हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि इसी मार्ग से सांसद, विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों का नियमित आवागमन होता है। इसके बावजूद वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और यह सवाल उठ रहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर रोज इस सड़क पर पड़ने के बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं हो रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार सड़क की मरम्मत की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग के समक्ष रखी जा चुकी है लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बरसात शुरू होने के बाद सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क के कारण माल परिवहन प्रभावित हो रहा है और वाहनों की बार-बार मरम्मत करानी पड़ रही है जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई होती है और कई बार एंबुलेंस को भी इस मार्ग से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों ने शासन प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
