
केसीजी जिला प्रशासन ने दी जानकारी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 7 मई को ग्राम रोजगार दिवस चावल महोत्सव और आवास दिवस का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन के निर्देश पर प्रत्येक माह की 7 तारीख को इन गतिविधियों को एक साथ आयोजित करने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को जनभागीदारी के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने सभी पंचायतों में आयोजन को योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराने कहा है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने पर विशेष जोर रहेगा।
लंबित मामलों के निराकरण पर फोकस
सुशासन तिहार अभियान के तहत मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत स्तर पर समाधान नहीं होने वाले मामलों को विकासखंड और जिला स्तर पर भेजकर उनका शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। आवास दिवस के दौरान स्वीकृत प्रधानमंत्री आवासों को अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। हितग्राहियों को उनके खातों में जमा की गई राशि की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे। महिला स्व-सहायता समूहों को निर्माण सामग्री आपूर्ति और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा। पंचायतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और लंबित जियो टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
तालाब निर्माण और रोजगार सृजन पर जोर
रोजगार दिवस के अवसर पर चयनित पांच ग्राम पंचायतों में “नवा तरिया आय जरिया” अभियान के तहत नए तालाब निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मनरेगा के अंतर्गत जारी कार्यों को मई माह में पूर्ण करने और मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा “आजीविका डबरी” योजना के माध्यम से ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की तैयारी की जाएगी। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पंचायतों के सूचना पटल पर परिवार की महिला सदस्य का नाम अंकित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक होगी
7 मई को पंचायतों में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित जानकारी वर्क कोड सहित सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी आसानी से मिलेगी और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
