
जनप्रतिनिधियों ने पंजी खरीदी, जर्जर भवन, कथित कमीशनखोरी और सामूहिक विवाह के खर्च पर उठाए सवाल
मंत्री बोलीं- लिखित शिकायत मिलने पर होगी जांच
खैरागढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर जनपद पंचायत खैरागढ़ के सभापतियों, सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष कई शिकायतें रखीं। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सामग्री एवं पंजी की खरीदी, जर्जर भवनों, पंजी संधारण, कुछ सुपरवाइजरों पर लगाए गए कथित कमीशनखोरी के आरोप तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए खर्च सहित विभिन्न मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
खरीदी में पारदर्शिता पर उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री और पंजी आदि के संबंध में जानकारी मांगने पर कई बार स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। उनके अनुसार, कुछ मामलों में यह कहकर बात टाल दी जाती है कि सामग्री या व्यवस्था “मंत्री जी के यहां से आई है” अथवा ऊपर से तय की गई है।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विभागीय खरीदी प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता होना जरूरी है। खरीदी की प्रक्रिया, दर, सामग्री की गुणवत्ता और आपूर्ति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि किसी तरह की आशंका की स्थिति न बने।
जर्जर भवनों में चल रहे केंद्र, कहीं दूसरे स्थानों पर संचालन
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के कई केंद्र जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं जबकि कुछ जगह भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण दूसरे स्थानों पर केंद्र चलाए जा रहे हैं।आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर बच्चों को निजी कमरों में बैठाकर गतिविधियां संचालित करनी पड़ रही हैं। बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में ऐसी व्यवस्था से बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशानी होती है। कुछ स्थानों पर खुले स्थान या पेड़ के नीचे बच्चों के बैठने की स्थिति बनने की बात भी कही गई।जनप्रतिनिधियों ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराकर जर्जर भवनों की मरम्मत तथा भवनविहीन केंद्रों के लिए नए भवन उपलब्ध कराने की मांग की। मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इस संबंध में उनके पास अभी तक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराने और जांच में तथ्य सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।पंजी खरीदी और सुपरवाइजरों पर भी आरोपजनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपयोग होने वाले विभिन्न पंजी और विभागीय सामग्री की खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पंजी खरीदी सहित अन्य सामग्रियों की व्यवस्था में अनियमितता की आशंका है। कुछ सुपरवाइजरों पर कथित रूप से कमीशन लेने के आरोप भी लगाए गए। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायत लिखित रूप में प्रस्तुत की जाए। शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सामूहिक विवाह के खर्च का भौतिक सत्यापन कराने की मांग
जनपद पंचायत छुईखदान के ग्राम खादी में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने मंत्री के समक्ष शिकायत रखी। जनप्रतिनिधियों के अनुसार कार्यक्रम में सात परिवारों का विवाह कराया जाना था। आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम अपेक्षित तरीके से आयोजित नहीं हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में टेंट, पंडाल, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं पर किए गए खर्च से संबंधित बिल-वाउचर एवं दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जिस कार्य के लिए राशि खर्च की गई है, मौके पर उसका सत्यापन होने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और यदि वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच कराई जाएगी तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों और महिलाओं से जुड़े विभाग में जवाबदेही जरूरी
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं सीधे बच्चों, महिलाओं और परिवारों के हित से जुड़ी हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, भवनों की स्थिति, सामग्री खरीदी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
