अतरिया में गर्भवती महिलाओं की परेशान बढ़ी, उप-स्वास्थ्य केंद्र में महीनों से एएनएम का पद खाली

एक भी महिला कर्मचारी नहीं होने से समस्या बढ़ी
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र बाजार अतरिया में लंबे समय से महिला एएनएम का पद रिक्त पड़ा हुआ है। जिसके चलते आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाएं और आम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो रहे हैं। वर्तमान में उपस्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी एक पुरुष ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (आरएचओ) निभा रहे हैं हालांकि वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से लेकर विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार तक का कार्य करते हैं लेकिन गर्भवती व अन्य महिलाएं अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं एक पुरुष को बताने में संकोच महसूस करती हैं। नतीजा यह है कि महिलाएं समय पर उपचार से वंचित रह जाती हैं। इस उपस्वास्थ्य केंद्र पर बाजार अतरिया के साथ-साथ सोनपुरी, भीमपुरी, कुसमी कुकुरमुडा, बोदागढ़ और दुल्लापुर गांव की लगभग 9.5 हजार आबादी निर्भर है। स्वास्थ्य मानकों के अनुसार 5 हजार की जनसंख्या पर एक उपस्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए लेकिन यहां दोगुनी आबादी के बावजूद सिर्फ एक ही उपस्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल का गोद ग्राम सोनपुरी भी इसी केंद्र पर निर्भर है।
महिला एएनएम की भूमिका बेहद अहम
एएनएम की नियुक्ति किसी भी उपस्वास्थ्य केंद्र में अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। एएनएम गर्भवती जांच, शिशु जांच, जच्चा-बच्चा का वजन, टीकाकरण, परिवार नियोजन, कुपोषण उन्मूलन, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु मृत्यु रोकथाम जैसे कार्यों की जिम्मेदारी निभाती है। इनके अभाव में न केवल गर्भवती महिलाओं की जांच अधूरी रह जाती है बल्कि शिशु मृत्यु और मातृ मृत्यु की संभावना भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही महिला एएनएम की नियुक्ति नहीं की गई तो वे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन करने मजबूर होंगे।
स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शासन से मांग की गई है। जैसे ही पदस्थापना होगी खाली उपस्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की नियुक्ति की जाएगी।
डॉ.आशीष शर्मा, सीएमएचओ केसीजी
जैसे ही नई एएनएम की पदस्थापना होगी बाजार अतरिया उपस्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिकता दी जाएगी।