
रचनाधर्मिता और साहित्य साधना को सराहा, सरस काव्य पाठ में बही काव्य की रसधार
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। साहित्य और सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जिले के साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि-लेखक डॉ. जीवन यदु राही का उनके निवास पर पहुंचकर सम्मान किया। राष्ट्रीय कवि संगम समरस साहित्य संस्थान और राजभाषा आयोग से जुड़े साहित्यकारों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मान समारोह के साथ सरस काव्य पाठ भी हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पद्मा साहू की वंदना प्रस्तुति से हुई। इसके बाद साहित्यकारों ने डॉ. जीवन यदु राही को शॉल श्रीफल और अभिनंदन पत्र भेंट कर उनकी साहित्य साधना के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान साहित्यकारों ने उनके स्वास्थ्य और कुशलक्षेम की जानकारी भी ली। डॉ. जीवन यदु राही छत्तीसगढ़ी और हिंदी के चर्चित कवि एवं लेखक हैं। उनकी साहित्यिक रचनाओं को पाठ्यक्रम में भी स्थान मिला है। कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक कृतित्व पर विनय शरण सिंह, आत्माराम कोशा अमात्य और डॉ. मांघीलाल ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने उनकी रचनात्मक यात्रा साहित्य के प्रति समर्पण और छत्तीसगढ़ी भाषा-साहित्य को दिए योगदान को रेखांकित किया।
विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यप्रेमी
कार्यक्रम सोनेसरार स्थित साहू भवन में आयोजित किया गया। समारोह में समरस साहित्य संस्थान के प्रांत अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, भावेश देशमुख, तिलक वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, गुनीराम बादल, धर्मेंद्र जंघेल, बोधन चंदेल, रवि यादव, डोरेलाल साहू, शिवप्रसाद साहू, अशोक, आकाश, ओम प्रकाश साहू, अंकुर, लखन साहू लहर और रामकुमार साहू सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। समारोह में राजनांदगांव बालोद, दुर्ग, बेमेतरा और कवर्धा सहित आसपास के जिलों से भी साहित्यकार और साहित्यप्रेमी पहुंचे। राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष समरस साहित्य संस्थान की महिला अध्यक्ष डॉ. पद्मा साहू, समरस साहित्य संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार मसखरे तथा राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक डॉ. सियाराम साहू की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में साहित्य कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को लेकर सार्थक संवाद भी हुआ।

