
जिले के आठ स्थानों पर चला साइबर जागृति अभियान, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से सतर्क रहने की दी समझाइश
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तृतीय सप्ताह का प्रभावी संचालन जारी है। अभियान के तहत गुरुवार को जिले के आठ अलग-अलग स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद कर उन्हें साइबर ठगी के बढ़ते मामलों और उससे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने चौक-चौराहों बाजारों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों के प्रति सचेत किया। इस दौरान विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट पुलिस सीबीआई या ईडी अधिकारी बनकर फर्जी कॉल करने वीडियो कॉल के जरिए धमकाने तथा ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने वाले साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की धमकी भरी कॉल आती है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत सतर्क होकर कॉल काट देना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी ओटीपी एटीएम पिन अथवा पासवर्ड साझा नहीं करने की समझाइश भी दी गई। अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि संदिग्ध फोन कॉल लिंक या ऑनलाइन गतिविधि के मामले में जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लें। साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। इसी उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान के माध्यम से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है।