सरकारी व चारागाह भूमि पर आवास प्रस्तावों पर सख्ती, उल्लंघन पर सीधे कार्रवाई के निर्देश

समय-सीमा बैठक में प्रशासन ने जारी किए निर्देश
केवल वैध भूमि पर ही बनेंगे पीएम आवास
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जनपद पंचायत खैरागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत शासकीय एवं चारागाह भूमि पर आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के मामलों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। समय सीमा की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने जानकारी दी कि कुछ ग्राम पंचायतों में बिना सक्षम राजस्व अधिकारी की अनुमति के शासकीय अथवा चारागाह भूमि पर आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव और पंचनामा तैयार कर भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने इसे पूरी तरह अवैध और नियमों के विरुद्ध बताया है। ऐसे मामलों से अतिक्रमण की स्थिति बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत ग्राम पंचायतों को शासकीय भूमि के आवंटन या उसके उपयोग में परिवर्तन करने का अधिकार नहीं है। साथ ही राजस्व नियमों के अनुसार शासकीय और चारागाह भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण प्रतिबंधित है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत केवल उन्हीं हितग्राहियों को लाभ दिया जा सकता है जिनके पास वैध स्वामित्व या पट्टा भूमि उपलब्ध हो। जिला कलेक्टर के निर्देश पर पंचायत स्तर पर ऐसी अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने और जनपद स्तर पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। सभी सरपंचों और सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल वैध भूमि पर ही आवास निर्माण के प्रस्ताव भेजें और किसी भी परिस्थिति में शासकीय या सार्वजनिक भूमि के लिए अनुशंसा न करें। इसके अलावा पहले से भेजे गए ऐसे सभी प्रस्तावों को निरस्त कर उसकी जानकारी जनपद पंचायत को देने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक कर अवैध निर्माण रोकने पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी पंचायत में इन निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित सरपंच और सचिव के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिम्मेदारी तय कर व्यक्तिगत स्तर पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

