

बिजली विभाग की घोर लापरवाही उजागर
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। नगर के व्यावहारिक न्यायालय छुईखदान के ठीक सामने बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। न्यायालय परिसर के सामने लगे बिजली खंभे में बिजली के तार बेहद खतरनाक स्थिति में लटकते हुए पाए गए हैं, जो किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। स्थिति यह है कि सर्विस तार और खंभे के बीच मात्र लगभग 5 मिलीमीटर की दूरी रह गई है, जो बिजली सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी को दर्शाता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह स्थान नगरवासियों के बैठने और शाम की सैर (इवनिंग वॉक) के लिए विकसित किया गया है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा समय बिताने आते हैं। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर बिजली तारों की यह हालत लोगों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ मानी जा रही है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई बिजली तार बेतरतीब ढंग से उलझे और खुले हालात में लटक रहे हैं। इसके साथ ही सर्विस बॉक्स भी असुरक्षित स्थिति में टंगा हुआ है, जिससे किसी भी समय शॉर्ट सर्किट, आग लगने या करंट फैलने जैसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग को इस खतरनाक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की यह उदासीनता न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग किसी बड़े हादसे के घटित होने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद औपचारिक कार्रवाई कर मामला दबा दिया जाएगा। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग द्वारा शीघ्र इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो मामले को उच्च अधिकारियों एवं प्रशासन के समक्ष उठाकर जनआंदोलन किया जाएगा। नागरिकों ने तत्काल स्थल निरीक्षण, दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई और विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इसके लिए पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।