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लोक संस्कृति पर राष्ट्रीय विमर्श में खैरागढ़ विश्वविद्यालय की रही उल्लेखनीय सहभागिता

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भारतीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी में खैरागढ़ विश्वविद्यालय की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई। बरघाट स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित इस अकादमिक आयोजन में विश्वविद्यालय के कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो.राजन यादव को उद्घाटन सत्र का नेतृत्व करने का दायित्व सौंपा गया। दो दिवसीय संगोष्ठी में लोक साहित्य की ऐतिहासिक परंपरा सामाजिक स्वरूप तथा सांस्कृतिक महत्त्व पर व्यापक चर्चा हुई। अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रो. यादव ने बताया कि भारतीय लोक परंपराएं समाज की जीवनशैली और अनुभवों से विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि साधारण जनजीवन की सहज अभिव्यक्ति ही लोक साहित्य को जीवंत और प्रभावशाली बनाती है।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्वानों एवं शोधार्थियों ने लोक संस्कृति से जुड़े अनेक आयामों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। आयोजन के दौरान महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ.प्रदीप त्रिवेदी ने किया।

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