
सीसीटीवी वीडियो में कैद हुई दर्दनाक घटना

सनसिटी कॉलोनी की घटना कैमरे में कैद
गंभीर रूप से घायल बच्चे का इलाज जारी
रहवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सत्यमेव न्यूज राजनांदगांव। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या अब गंभीर जनसुरक्षा चुनौती बनती जा रही है। ताजा मामला सनसिटी कॉलोनी का है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे पर चार आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। दिल दहला देने वाली यह घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जानकारी अनुसार बच्चा कॉलोनी में खेल रहा था। इसी दौरान अचानक चार आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया। मासूम खुद को बचाने के लिए भागने लगा लेकिन कुत्तों का झुंड उसके पीछे पड़ गया। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक कुत्ता बच्चे के पैर पर झपटता है जिससे वह सड़क पर गिर जाता है। इसके बाद कुत्ते उसे घसीटते और नोचते नजर आते हैं। बच्चा बार-बार उठकर भागने का प्रयास करता है लेकिन कुत्ते उसे दोबारा जमीन पर गिरा देते हैं।
साहसी युवक ने बचाई मासूम की जान
घटना के दौरान बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद एक युवक तुरंत मौके पर पहुंचा और साहस का परिचय देते हुए कुत्तों को भगाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। शरीर पर गहरे घाव, सदमे में बच्चा हमले में बच्चे के पैरों, जांघों और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। शरीर पर कई स्थानों पर कुत्तों के दांतों के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। घायल मासूम का अस्पताल में उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार शारीरिक चोटों के साथ-साथ बच्चा मानसिक रूप से भी गहरे सदमे में है।
कॉलोनी में दहशत, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद सनसिटी कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में भय और आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि वे अब बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा कोई प्रभावी और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं और राहगीरों का पीछा करते हैं जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
संस्कारधानी में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाएं
जिले में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में डोंगरगढ़ क्षेत्र में भी एक कथित उग्र कुत्ते द्वारा दो नाबालिग बच्चों को घायल किए जाने की घटना चर्चा में रही थी। लगातार हो रहे हमलों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आवारा पशु नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
रहवासियों की मांग: केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए
घटना के बाद नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। शहरवासियों का मानना है कि इस बार एक मासूम बच्चा शिकार बना है लेकिन यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़ा और दुखद हादसा हो सकता है।
बढ़ती घटनाओं ने छेड़ी राष्ट्रीय बहस
उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न शहरों में हाल के महीनों के दौरान आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों और आम नागरिकों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज में बच्चों को घेरकर हमला करने और घसीटने जैसे दृश्य दर्ज हुए हैं। इन घटनाओं ने शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के प्रबंधन, जनसुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।
