
जालबांधा-सलोनी के आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जिले के प्रवास के दौरान जालबांधा और सलोनी के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पोषण और केंद्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। जालबांधा में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। जालबांधा आंगनबाड़ी केंद्र में मंत्री ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनसे विभिन्न सवाल पूछे। बच्चों ने उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए जिस पर उन्होंने उनकी सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने केंद्र में संचालित प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) की गतिविधियों का जायजा लेते हुए कार्यकर्ताओं से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। सलोनी के आंगनबाड़ी केंद्र में भी मंत्री ने ईसीसीई गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बच्चों की उम्र और रुचि के अनुरूप खेल-खेल में शिक्षा देने तथा गतिविधि आधारित सीखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।

पोषण किट वितरित, महिलाओं को ऋण सहायता
जालबांधा में आयोजित पोषण माह कार्यक्रम में मंत्री राजवाड़े ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म में भाग लेकर उन्हें सुपोषण किट वितरित किए। बच्चों के अन्नप्राशन कार्यक्रम में भी उन्होंने सहभागिता की। सक्षम योजना के तहत दो महिलाओं को ऋण सहायता के चेक प्रदान किए गए। मंत्री ने कहा कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास की मजबूत नींव प्रारंभिक अवस्था में ही तैयार होती है। इस लिहाज से आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कुपोषण से बचाव के लिए गर्भावस्था से ही महिलाओं के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। अभिभावकों से बच्चों को प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देने के साथ उनके साथ पर्याप्त समय बिताने बातचीत करने और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने की अपील की।

हर घर तक पहुंचे पोषण का संदेश
राजवाड़े ने 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता केवल आंगनबाड़ी केंद्रों तक सीमित न रहकर हर परिवार तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने ‘हर घर मूंगा घर-घर मूंगा’ अभियान को बढ़ावा देने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मूंगा हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बच्चों के भोजन में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने महिलाओं से स्वयं पोषण के प्रति जागरूक बनने और परिवार की अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे की पहली आधारशिला है और स्वस्थ बच्चे सशक्त समाज का निर्माण करते हैं। आगामी तीज पर्व के दौरान भी पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपील की। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा महिलाओं और बच्चों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य भुनेश्वरी देवांगन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य घम्मन साहू, जालबांधा सरपंच संतोषी जयराम वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीआर खुटेल, परियोजना अधिकारी छुईखदान सुनील बंजारे, परियोजना अधिकारी खैरागढ़ रंजना श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं गर्भवती महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थीं।