
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2026 में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी। तिथि बढ़ने से जिले के ऋणी एवं अऋणी दोनों वर्ग के किसानों को अधिसूचित फसलों का बीमा कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने किसानों से अपील की है कि अंतिम समय का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द बीमा प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि अनियमित वर्षा बाढ़ सूखा ओलावृष्टि तेज हवाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
जिले में अब तक 47 हजार 5 सौ 96 किसानों की लगभग 67,720 हेक्टेयर फसलों का हुआ बीमा
जानकारी अनुसार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अब तक 47,596 किसानों की लगभग 67,720 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलों का बीमा किया जा चुका है। इनमें 11,439 अऋणी किसानों के आवेदन भी पोर्टल पर दर्ज हो चुके हैं। योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी तथा रागी सहित अधिसूचित फसलों का बीमा कराया जा सकता है। किसानों के अंश प्रीमियम की दर प्रति हेक्टेयर धान (सिंचित) के लिए 1,320 रुपये, धान (असिंचित) के लिए 990 रुपये, सोयाबीन के लिए 1,100 रुपये, उड़द के लिए 660 रुपये, अरहर के लिए 880 रुपये तथा कोदो के लिए 484 रुपये निर्धारित की गई है। अऋणी किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संबंधित बैंक ऑनलाइन पोर्टल अथवा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एआईसी) के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। ऋणी किसानों को भी अपने बैंक से संपर्क कर समय-सीमा के भीतर बीमा की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग ने किसानों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ शीघ्र बीमा कराने का आग्रह किया है। योजना से जुड़ी जानकारी शिकायत अथवा फसल क्षति की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन KRPII-14447 के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती है।
