
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में शुक्रवार को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती साहित्यिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी कुलपति एवं कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो.राजन यादव तथा अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.देवमाईत मिंज ने की है। कार्यक्रम का शुभारंभ एमए संस्कृत की छात्रा समृद्धि तिवारी द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद बीए और बीपीए के विद्यार्थियों निधि चंद्रा, किशन कुमार, गोवर्धन यादव, समिता मंडावी, सूर्यांश रावत, ललिता साहू, सोनम साहू तथा ओम अवस्थी ने प्रेमचंद की कहानियों और साहित्यिक योगदान पर अपने विचार रखे। एमए हिंदी के विद्यार्थियों ने प्रेमचंद की चर्चित कहानियों का सार प्रस्तुत किया। देवसिंह ने कफ़न, आकांक्षा वाहने ने पूस की रात कामता प्रसाद ने दुनिया का अनमोल रतन, सरिता मरकाम ने बूढ़ी काकी, अमृता वर्मा ने बड़े घर की बेटी, खिलेश्वर गिरिया ने नमक का दरोगा, साक्षी जंघेल ने पंच परमेश्वर महेश्वरी वर्मा ने दो बैलों की कथा हेमचंद वर्मा ने विश्वास तथा दीपिका प्रजापति ने लॉटरी कहानी का सार प्रस्तुत किया है। शोधार्थी ममता ठाकुर ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व सुप्रिया वर्मा ने उनके कृतित्व एकलव्य भारती ने स्त्री लेखन तथा मॉरीशस की शोधार्थी यास्नाह जोवाता ने उनकी रचनाधर्मिता पर विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि प्रो.यादव ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से मानवीय मूल्यों और सामाजिक यथार्थ को जीवंत रूप दिया है। उनकी कहानियां और उपन्यास आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ.मिंज ने कहा कि प्रेमचंद के पात्र आम जनजीवन से जुड़े हुए हैं इसलिए उनका साहित्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शोधार्थी कृष्ण कुमार नेताम, देवसिंह एवं एमए हिंदी के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। संचालन एवं आभार प्रदर्शन शोधार्थी कुलेश्वरी वर्मा ने किया है।