
एक सप्ताह में जल संग्रहण की व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन की चेतावनी
करोड़ों के प्रधानपाठ बैराज की खामियों पर उठाए गए सवाल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के सबसे बड़े अंचल में शुमार मुढ़ीपार अंचल की सिंचाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रधानपाठ बैराज में पर्याप्त जल संग्रहण नहीं होने के कारण क्षेत्र के अधिकांश बांध और तालाब खाली पड़े हैं जिससे खरीफ फसलों के लिए सिंचाई संकट गहराने की आशंका उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसान जनप्रतिनिधियों के साथ आंदोलन करने बाध्य होंगे।
53 करोड़ रुपये की लागत से 2017 बना है प्रधानपाठ बैराज
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2017 में लगभग 53 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रधानपाठ बैराज से मुढ़ीपार अंचल के 15 से 20 गांवों की सिंचाई होती है। बैराज के गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद वर्ष 2018 से 2023-24 तक अस्थायी स्टॉपर लगाकर करीब 9 मीटर तक जल संग्रहण किया जाता रहा जिससे प्रथम वर्षा का पानी रोककर क्षेत्र के विभिन्न बांधों एवं तालाबों को भरा जाता था। इस व्यवस्था से किसानों को पूरे सीजन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होता था। किसानों के अनुसार इस वर्ष सिंचाई विभाग ने जल संग्रहण के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं की है। विभाग द्वारा बैराज के डूब क्षेत्र में केवल एक अस्थायी बैरियर बनाया गया है जिसमें लगभग एक मीटर तक ही पानी रुक पा रहा है। किसानों का कहना है कि यह बैराज की कुल जलधारण क्षमता का पांच प्रतिशत भी नहीं है जिसके कारण अधिकांश जलस्रोत खाली रह गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मुढ़ीपार जलाशय, खुना नाला, मुढ़ीपार निस्तारी तालाब, दैहान बांध, टेकापार बांध, कुसुमकुंआ टारबांध, सनडोंगरी बांध, कोपेनवागांव, टिंगामाली तालाब, पिपलाकछार बांध, परसाही टारबांध, सारंगपुर बांध, उरईडबरी बांध, परसबोड़ बांध, रुसे बांध तथा लमानी डायवर्सन सहित अनेक जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। इससे आने वाले दिनों में सिंचाई संकट गहराने की आशंका है जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ेगा।
किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रधानपाठ बैराज में आवश्यक सुधार कार्य कराकर जल संग्रहण की समुचित व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए ताकि क्षेत्र के बांधों और तालाबों को भरकर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की तो किसान एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आंदोलन के लिए बाध्य होंगे साथ ही कांग्रेस पार्टी ने भी किसानों के समर्थन में आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रमुख रूप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कोमल साहू, जिला महामंत्री भीखम सिन्हा, आकाशदीप सिंह, जिला कांग्रेस के सचिव रिंकू गुप्ता, जीतेन्द्र सिंह गौर, चंद्रेश यदु, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेज राम वर्मा सहित किसान व कांग्रेसी उपस्थित थे।
