
पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें
कई पंपों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति
डब्बा और जारकिन लेकर ईंधन भराने पहुंचे लोग
पंप संचालकों ने अफवाहों से बचने और जरूरतभर खरीदारी की अपील की
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में शुक्रवार 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी और संभावित शॉर्टेज की चर्चाओं के बाद शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बड़ी संख्या में लोग डब्बा व जारकिन लेकर अतिरिक्त ईंधन संग्रह करते नजर आए। नई दरों के अनुसार पेट्रोल 104.34 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद लोगों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ गई जिसके चलते दिनभर पंपों पर भारी भीड़ बनी रही। अचानक बढ़ी मांग के कारण कई पेट्रोल पंपों में स्टॉक तेजी से घटने लगा। जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ पेट्रोल पंप में सामान्य पेट्रोल पूरी तरह समाप्त हो गया है जबकि पावर पेट्रोल सीमित मात्रा में उपलब्ध बताया जा रहा है वहीं शहर के प्रमुख पंपों में शामिल रश्मि देवी फ्यूल्स में भी केवल कुछ घंटों का ही स्टॉक शेष रहने की जानकारी सामने आई है। कई पेट्रोल पंप सुबह के बाद बंद भी पड़े रहे। स्थिति को देखते हुए खैरागढ़ के चोपड़ा फ्यूल के संचालक अमित चोपड़ा ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की है। वहीं रश्मि देवी फ्यूल के संचालक हरजीत सिंह ने कहा है कि घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी किए जाने से कृत्रिम संकट जैसी स्थिति बन रही है जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। इधर लगातार खाली हो रहे पेट्रोल पंपों को लेकर आम नागरिक शासन-प्रशासन के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रदेश में पर्याप्त ईंधन भंडारण उपलब्ध है तो फिर लगातार पेट्रोल पंप ड्राई आउट क्यों हो रहे हैं। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा ऑयल कंपनियों के माध्यम से लगातार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने लोगों से पैनिक बाइंग से बचने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। हालांकि जमीनी स्तर पर हालात फिलहाल सामान्य नजर नहीं आ रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार अचानक बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। समय पर पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंचने की स्थिति में आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
