
खैरागढ़। मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए खैरागढ़ के ईतवारी बाजार में मिली 45 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बेघर अज्ञात महिला को उपचार और सहायता उपलब्ध कराई गई। पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) गोलूदास साहू ने महिला की स्थिति को देखते हुए तत्काल पहल की और उसे एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया जहां डॉ. मनीषा कश्यप एवं उनकी टीम ने प्राथमिक उपचार किया।महिला अपना नाम-पता बताने में असमर्थ थी और पिछले कुछ समय से असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही थी। बेहतर उपचार के लिए उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा के आवश्यक निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य मनोरोग चिकित्सालय सेंदरी (बिलासपुर) रेफर किया गया जहां डॉ. प्रीति एवं उनकी टीम द्वारा उपचार किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष विजय कुमार होता के निर्देशन और तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर एवं सचिव प्रीति नागवंशी के मार्गदर्शन में हुई। इस कार्य में थाना प्रभारी भीमसेन यादव, सखी सेंटर की केंद्र प्रभारी अर्चना शर्मा तथा पैरामेडिकल वर्कर प्रमिला रात्रे का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पीएलवी गोलूदास साहू ने कहा कि नालसा की मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना के माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। यह घटना मानवीय संवेदना, प्रशासनिक तत्परता और सामुदायिक सहयोग का प्रेरक उदाहरण है।

