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मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को मिला सहारा

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के संयुक्त प्रयास से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को उपचार के लिए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य मनोरोग चिकित्सालय सेंद्री में भर्ती कराया गया है। यह सराहनीय कार्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष सुषमा सावंत, तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर तथा सचिव निलेश जगदल्ला के मार्गदर्शन में पैरालीगल वॉलिंटियर गोलूदास के माध्यम से संपन्न हुआ। बता दे कि पैरालीगल वॉलिंटियर गोलूदास 10 जुलाई को रेंगाकठेरा क्षेत्र में नालसा की योजनाओं, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट और लोक अदालत संबंधी प्रचार-प्रसार कर रहे थे तभी उन्हें सड़क पर घूमता हुआ एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक दिखा। युवक ने अपना नाम नरेंद्र चतुर्वेदी (उम्र लगभग 26 वर्ष) बताया किंतु अन्य कोई जानकारी देने में असमर्थ रहा। स्थानीय लोगों और बाद में उसके परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र पिछले पांच-छह वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ है। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उपचार जारी नहीं रह सका। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गोलूदास ने त्वरित पहल करते हुए नरेंद्र को सिविल अस्पताल खैरागढ़ में भर्ती कराया। वहां खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन द्वारा प्रारंभिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार के लिये राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंद्री बिलासपुर रेफर किया गया। रेफरल दस्तावेजों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो ने युवक को चिकित्सालय में भर्ती कराने के लिये निर्देश जारी किया। तत्पश्चात नरेंद्र को बिलासपुर ले जाकर भर्ती कराया गया जहां डॉ.दीप्ति और उनकी टीम द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। इस मानवीय पहल में पुलिस चौकी जालबांधा के उपनिरीक्षक बीरेंद्र चंद्राकर और आरक्षक राजेंद्र नेताम का सहयोग उल्लेखनीय रहा। पूर्व में भी मानसिक रूप से विकसित लोगों की मदद विधिक सेवा द्वारा की गई है और उक्त मानवीय कार्य से विधिक सेवा संस्थाओं के प्रति निचले वर्ग के नागरिकों का भरोसा बढ़ रहा है। विधिक सेवा लगातार न्यायिक अधिकारों की रक्षा कर सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील हैं।

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