KCG

पीएचई ठेकेदार की आत्महत्या मामले में नया मोड़: 25 पन्नों के कथित सुसाइड नोट से मचा हड़कंप

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़/छुईखदान। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के ठेकेदार गणेश्वर जंघेल की आत्महत्या के मामले में 25 पन्नों का कथित सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। सुसाइड नोट में विभाग के कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कमीशनखोरी, मानसिक प्रताड़ना और भुगतान में अनावश्यक विलंब जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में छुईखदान पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी अनुसार गणेश्वर जंघेल ने 16 जून को आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि पीएचई विभाग द्वारा लंबे समय तक निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं किए जाने, लगातार मानसिक दबाव और बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा करने के लिए गणेश्वर ने घर के गहने गिरवी रखे, बैंक से ऋण लिया तथा साहूकारों से ब्याज पर रकम उधार लेकर पानी टंकी का निर्माण कराया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं मिलने से वे लगातार आर्थिक संकट में फंसते चले गए। परिजनों के अनुसार भुगतान स्वीकृत कराने के लिए गणेश्वर कई बार भिलाई स्थित विभागीय कार्यालय के चक्कर भी लगाते रहे लेकिन उनका बिल पारित नहीं हो सका। इसी आर्थिक और मानसिक तनाव ने अंततः उन्हें आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए विवश कर दिया।

मामले में मिले 25 पन्नों के कथित सुसाइड नोट में दावा किया गया है कि विभाग में भुगतान के बदले 18 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाती थी। नोट में अधीक्षण अभियंता को 10 प्रतिशत तथा जिला कार्यपालन अभियंता, एसडीओ, उप अभियंता (सब इंजीनियर), बाबू और अकाउंटेंट को 2-2 प्रतिशत कमीशन दिए जाने का उल्लेख किया गया है हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि घटना से लगभग तीन माह पहले गणेश्वर जंघेल ने विभाग में कथित रिश्वतखोरी से संबंधित एक वीडियो भी वायरल किया था। परिजनों का आरोप है कि उस समय यदि शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। इधर मामले में विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने पर अधिकांश अधिकारी आरोपों पर खुलकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए वहीं विभाग का कहना है कि ठेकेदारों के भुगतान की प्रक्रिया शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में ठेकेदारों का पंजीयन कर एसएनए (Single Nodal Agency) प्रणाली के माध्यम से भुगतान किया जाना है और नई व्यवस्था लागू होने के कारण प्रारंभिक स्तर पर कुछ समय लगना स्वाभाविक है। फिलहाल छुईखदान पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, वायरल वीडियो, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विधिवत जांच की जा रही है। जांच में यदि लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page