मोरिंगा, पान उत्पाद एवं मिलेट्स के निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा
खैरागढ़। जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने तथा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक 4 नवंबर को अपर कलेक्टर की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में मोरिंगा पत्ती की चाय, ड्राई भाजी, पान उत्पाद, मिलेट्स एवं हस्तशिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पान अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.असाटी ने मोरिंगा उत्पादों की विदेशों में मांग की जानकारी दी वहीं उद्यमियों ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर के मेलों में अवसर देने तथा ओडीओपी उत्पादों को स्टार्टअप की तर्ज पर प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताई। एफआईईओ मुंबई की डिप्टी डायरेक्टर श्रीमती रिशु मिश्रा ने उत्पादों के विविधीकरण, नए फ्लेवर विकसित करने, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन, रिवर्स बायर-सेलर मीट तथा उद्यम पंजीयन एवं आईईसी कोड की उपयोगिता बताई। एमएसएमई के सहायक संचालकयोगेश कुमार ने ट्रेड फेयर में सहभागिता, जेड गुणवत्ता प्रमाणन एवं उद्यमियों के प्रशिक्षण की जानकारी दी वहीं नाबार्ड ने उत्पादन, प्रसंस्करण एवं प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहयोग की संभावनाओं से अवगत कराया। महाप्रबंधक प्रणय कुमार बघेल ने कहा कि निर्यात योग्य उत्पाद तैयार करने के लिए प्रारंभ से ही गुणवत्ता एवं पैकेजिंग मानकों का पालन आवश्यक है। इसके पश्चात पीएमएफएमई योजना की बैठक में लंबित प्रकरणों एवं लाभान्वित उद्यमियों के औपचारिकीकरण की समीक्षा की गई। उद्यमियों को खाद्य उत्पादों की बिक्री एवं विपणन में सुविधा तथा विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त करने पर जोर दिया गया। महाप्रबंधक श्री बघेल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार आगामी जिला स्तरीय बैठक में पीएमएफएमई हितग्राहियों के प्रति बैंकर्स के व्यवहार एवं उन्हें मिलने वाली बैंकिंग सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों, प्रतिनिधियों एवं बैंकर्स के प्रति आभार व्यक्त किया।
