
मजदूरों की जगह है मशीन से हो रहा काम

ग्रामीणों ने की प्रशासन से शिकायत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। ग्रामीण रोजगार की गारंटी देने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत चोरलाडीह में स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भूमि समतलीकरण और तालाब सुधार जैसे श्रम आधारित कार्यों में जेसीबी मशीन के उपयोग की बात सामने आने के बाद पंचायत और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्य स्थल पर सुबह मजदूरों की उपस्थिति रहती है जबकि दोपहर के समय मशीन के माध्यम से खुदाई और समतलीकरण किया जाता है। स्थल निरीक्षण के दौरान जेसीबी मशीन क्रमांक सीजी 08 एक्यू 2364 से धड़ल्ले से कार्य कराया जा रहा था जिसके बाद योजना की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे है। ग्रामीण हिमांचल लिल्हारे का कहना है कि कुछ कार्य निजी स्तर पर और गांव की सहमति से कराया जा रहा है वहीं मामले में सरपंच नदारद रही अलबत्ता सरपंच पति केवल सिंह ध्रुव ने दोपहर बाद की गतिविधियों से अनभिज्ञता जताई और खुद को पूरे मामले से आश्चर्यजनक रूप से अलग कर लिया है। दोनों बयानों से स्पष्टता के बजाय भ्रम की स्थिति बनी हुई है वहीं कार्य के नियम रूप संपादन को लेकर रोजगार सहायक और सचिन की भूमिका भी संदेहास्पद है। ज्ञात हो कि मनरेगा के दिशा निर्देशों में श्रम प्रधान कार्यों में मशीनों के उपयोग पर पूरी तरह रोक है ताकि अधिकाधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। ऐसे में यदि स्वीकृत स्थल पर मशीनों से कार्य कराया गया है तो यह पूरी तरह नियमों के विपरीत है। मामले में प्रशासन की ओर से फिलहाल अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है और अब कुछ जागरूक ग्रामीणों की ओर से स्थानीय स्तर पर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठी है।