
यादव समाज के गौरव एवं प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव हुए शामिल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला यादव समाज द्वारा आयोजित प्रथम जिला स्तरीय महा अधिवेशन रविवार को भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिलेभर से हजारों की संख्या में समाजजनों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश यादव समाज के अध्यक्ष रमेश यदु ने की वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव तथा खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा नीलाम्बर वर्मा उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया गया जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिकता और उत्साह का माहौल बन गया।
सामाजिक प्रतिवेदन के साथ जिला अध्यक्ष ने राखी प्रमुख मांग
जिले के प्रथम जिला अध्यक्ष, पार्षद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव ने सामाजिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिले में सर्वसुविधायुक्त यादव भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की मांग रखी साथ ही जिले के 23 सर्किलों के लिए प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव भी रखा गया। मुख्य अतिथि गजेंद्र यादव ने इन मांगों को स्वीकार करते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया और समाज के समग्र विकास में भविष्य में भी सहयोग देने की बात कही।
यादव समाज की ऐतिहासिक उपस्थिति ने दिया आयोजन को नया उत्साह
महाअधिवेशन की सबसे बड़ी विशेषता जिलेभर से हजारों लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यादव समाज सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से निरंतर सशक्त हो रहा है। मुख्य अतिथि का स्वागत जिला यादव समाज की महिला अध्यक्ष प्रीति यादव के नेतृत्व में किया गया। इसके पश्चात समाज के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। ऐतिहासिक आयोजन
खैरागढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब यादव समाज के किसी कार्यक्रम में एक मंत्री और तीन विधायक एक साथ उपस्थित हुए। इससे आयोजन को विशेष गरिमा और महत्व प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता में जिला महामंत्री अमर यादव, उपाध्यक्ष बसंत यादव, निलेश यादव, संजू यादव, झुनू यादव, चंद्रेश यादव तथा युवा जिला अध्यक्ष मनोज यादव सहित सभी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ज्ञात हो कि यह महाधिवेशन न केवल संगठनात्मक एकता का प्रतीक बना बल्कि समाज के विकास, नेतृत्व और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
