खैरागढ़ में फिर सड़क हादसा, दो युवक गंभीर रूप से घायल, हुये रेफर

शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित बाईपास का निर्माण पिछले लगभग 18 वर्षों से अधूरा पड़ा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बाईपास समय पर पूरा हो जाता तो भारी वाहनों की आवाजाही शहर के भीतर कम होती और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आती।

जहां हादसा हुआ वह जिला मुख्यालय का महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन यहां सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। खतरनाक मोड़ होने के बावजूद न तो स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं और न ही वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी मार्ग पर एंबुलेंस की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपायों में सुधार नहीं हो पाया है वहीं मुख्य मार्गों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से यातायात प्रबंधन को मजबूत करने, स्पीड ब्रेकर लगाने और लंबे समय से लंबित बाईपास निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके।

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