खैरागढ़ के प्रतिबंधित क्षेत्र में चूना पत्थर खनन लीज देने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच की मांग

बल्देवपुर-कलकसा क्षेत्र में खनन पट्टों को लेकर ग्रामीणों का विरोध

मुख्यमंत्री सहित विभागीय उच्च अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के ग्राम बल्देवपुर, कलकसा, टेकापार एवं दपका क्षेत्र में चूना पत्थर खनन लीज आवंटन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर केसीजी को शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा आरक्षित एवं प्रतिबंधित घोषित क्षेत्र में खनन लीज प्रदान की गई है जिसकी निष्पक्ष जांच मामले के खुलासे के बाद आवश्यक हो गई है। ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम बल्देवपुर एवं कलकसा क्षेत्र में अखिलेश तुरहटे को खसरा नंबर 241/2, 246/1, 246/2 एवं 246/3 पर खनन लीज प्रदान किए जाने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त भूमि प्रतिबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आती है इसलिए वहां लीज स्वीकृत किया जाना नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी प्रकार शिकायत में इंटरप्राइजेस के प्रोपराइटर भरत रूँगटा का भी उल्लेख किया गया है। मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें खसरा नंबर 465, 462/1 एवं 524/1 पर खनन लीज प्रदान की गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि भी प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे में आती है और इसकी वैधानिकता की जांच की जानी चाहिए।
शासन द्वारा प्रतिबंध नहीं हटाए जाने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि बल्देवपुर, कलकसा, टेकापार एवं दपका गांवों को उच्च श्रेणी के चूना पत्थर भंडार के कारण पूर्व में आरक्षित किया गया था। शिकायत में दावा किया गया है कि राज्य शासन द्वारा अब तक इन गांवों से प्रतिबंध हटाने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद खनन लीज स्वीकृत किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
क्षेत्र में पर्यावरण और ग्रामीण हितों पर बढ़ रही चिंता
शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियों से कृषि भूमि, जल स्रोतों, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं इसलिए किसी भी खनन परियोजना से पहले सभी नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लीज निरस्त करने और जांच की मांग हुई तेज
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित खसरों, लीज स्वीकृति प्रक्रिया और भूमि की वास्तविक स्थिति की विस्तृत जांच कराई जाये यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लीज तत्काल निरस्त की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच निष्पक्ष रूप से की जाए। पूरे मामले में ग्रामीणों ने शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, पर्यावरण विभाग तथा खनन संचालनालय को भी भेजी है। ऐसे में मामला अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राज्य स्तरीय जांच और प्रशासनिक समीक्षा का विषय बन गया है।
शिकायत पुराना है इस पर नियमानुसार कार्यवाही हो चुकी है। वर्तमान में कोई जांच लंबित नहीं है।
बबलू पांडे, सहायक खनिज अधिकारी, केसीजी


