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खम्हारडीही जंगल में अवैध कटाई पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, डिप्टी रेंजर व बीट गार्ड निलंबित

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। ग्राम भुजारी के खम्हारडीही जंगल में बड़े पैमाने पर हुई अवैध वृक्ष कटाई के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित क्षेत्र के डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड को निलंबित कर दिया है। मामले के सामने आने के बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया है वहीं कथित लकड़ी तस्करों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। जानकारी के अनुसार खम्हारडीही जंगल क्षेत्र में मशीनों एवं आरा की सहायता से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने की शिकायत सामने आई थी। मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया ने स्थल का निरीक्षण कर खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जांच शुरू की गई है। हजारों पेड़ों की कटाई से उठे गंभीर सवाल
ग्रामीणों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में जिस स्तर पर पेड़ों की कटाई हुई है, वह केवल सामान्य लापरवाही का परिणाम नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि प्राकृतिक संसाधनों को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है। मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक नाराजगी देखी जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
प्रारंभिक जांच के बाद विभागीय कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में कुछ व्यक्तियों के नाम संबंधित भूमि के राजस्व अभिलेखों में दर्ज पाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं वन विभाग की पड़ताल में कटाई वाला बड़ा हिस्सा वन भूमि के अंतर्गत पाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वनमंडल अधिकारी पंकज राजपूत ने तत्काल प्रभाव से डिप्टी रेंजर डोमन सिंह पदनाकर एवं बीट गार्ड ताराचंद यादव को निलंबित कर दिया है। वन विभाग द्वारा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। भूमि रिकॉर्ड और ऋण प्रक्रिया भी जांच के घेरे में मामले ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यदि संबंधित क्षेत्र वन भूमि सिद्ध होता है, तो यह जांच का विषय होगा कि उसे राजस्व रिकॉर्ड में निजी भूमि के रूप में किस आधार पर दर्ज किया गया। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि उक्त भूमि के दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त किया गया है। यदि जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल अवैध वृक्ष कटाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भूमि रिकॉर्ड, स्वामित्व हस्तांतरण प्रक्रिया तथा बैंकिंग प्रणाली से जुड़े पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा सकती है। संयुक्त जांच जारी, आगे और कार्रवाई की संभावना वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच फिलहाल जारी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जा सकती है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। खबर का असर खम्हारडीही जंगल में अवैध वृक्ष कटाई का मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। प्रारंभिक जांच के आधार पर दो वनकर्मियों को निलंबित किया गया है, जबकि अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल जारी है। वन विभाग की यह कार्रवाई अवैध कटाई के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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