
खैरागढ़ पुलिस को मिली एक और बड़ी सफलता
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। केसीजी जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना खैरागढ़ पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक म्युल खाता धारक को गिरफ्तार कर साइबर ठगी से जुड़े करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा किया है।
गृह मंत्रालय के पोर्टल से मिला था अहम इनपुट
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर जिला खैरागढ़, छुईखदान, गंडई पुलिस को साइबर धोखाधड़ी से जुड़े संदिग्ध लेन देन की जानकारी मिली थी। त्वरित तकनीकी परीक्षण में सामने आया कि ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से अर्जित बड़ी रकम विभिन्न म्युल खातों के माध्यम से इधर उधर की जा रही थी।
तीन बैंक खातों में ₹8.65 करोड़ का संदिग्ध लेन देन
जांच के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा खैरागढ़ के तीन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धन जमा होने की पुष्टि हुई। ये खाते यज्ञदत्त यादव उम्र 29 वर्ष निवासी खजरी थाना घुमका, जिला राजनांदगांव भोजराम वर्मा उम्र 29 वर्ष, नारद रजक उम्र 28 वर्ष निवासी नवागांव कला थाना खैरागढ़ इन खातों में कुल ₹8,65,16,376 रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया जिससे खाताधारकों की आपराधिक संलिप्तता स्पष्ट हुई। मामले में थाना खैरागढ़ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2)(A) एवं आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
तीन म्युल खाताधारक पहले ही जा चुके हैं जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर तीनों म्युल खाता धारकों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी की रकम के हेरफेर में अपनी भूमिका स्वीकार की जिसके बाद उन्हें 15 नवंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
रायपुर से पकड़ा गया फरार आरोपी
विवेचना के दौरान एक अन्य आरोपी चुरेन्द्र वर्मा निवासी खजरी थाना घुमका की संलिप्तता भी सामने आई। सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद आरोपी फरार हो गया था और नाम पता बदलकर रायपुर में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जहां उसने अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार इस साइबर ठगी नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रकरण में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
