
मत्स्य पालन योजना से 12 कृषकों को मिली 30-30 हजार रुपये की सहायता
खैरागढ़। जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मत्स्य कृषकों की आय के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्य पालन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन के लिए मत्स्य कृषकों को सहायता प्रदान की गई है। योजना के तहत आधा हेक्टेयर के मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन के लिए जिले के 1 अनुसूचित जाति एवं 11 अनुसूचित जनजाति वर्ग के कुल 12 मत्स्य कृषकों को लाभान्वित किया गया है। प्रत्येक हितग्राही को स्पॉन संवर्धन एवं आदान सामग्री क्रय करने के लिए 30 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई। इस सहायता से कृषकों को स्पॉन संवर्धन के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में सुविधा हुई है। उत्पादित मत्स्य बीज का उपयोग कृषक अपने तालाबों में मत्स्य पालन के लिए कर सकेंगे तथा अतिरिक्त मत्स्य बीज का विक्रय कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकेंगे। स्पॉन संवर्धन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज तैयार करने में सहायता मिलती है। स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध होने से तालाबों में मछलियों की वृद्धि बेहतर होती है जिससे मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। योजना के माध्यम से कृषकों को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से मत्स्य पालन करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। मौसमी तालाबों का बेहतर उपयोग करते हुए उपलब्ध जल संसाधनों से मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह योजना उपयोगी साबित हो रही है। मत्स्य उत्पादन में वृद्धि के साथ कृषकों की आय बढ़ने और रोजगार के अतिरिक्त अवसर मिलने की संभावना है जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिल रही है।स्पॉन संवर्धन को बढ़ावा मिलने से जिले में गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता बढ़ेगी। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन, रोजगार और आय में वृद्धि होकर जिले में मत्स्य पालन गतिविधियों के विस्तार को गति मिलेगी।

