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सरकार का पूरा ध्यान अपनी जेब भरने में- मनराखन

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राज्य सरकार की वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनहित से ज्यादा राजस्व वृद्धि पर ध्यान दे रही है और भाजपा की साय सरकार का पूरा ध्यान अपनी जेब भरने में है। नई व्यवस्था के तहत पहले लागू सात ड्राई डे में संशोधन करते हुए तीन प्रमुख अवसर होली मुहर्रम और महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस 30 जनवरी को सूची से बाहर कर दिया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार अब प्रदेश में केवल चार अवसरों पर ही शराब दुकानों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा जिनमें 26 जनवरी 15 अगस्त 2 अक्टूबर तथा गुरु घासीदास जयंती 18 दिसंबर शामिल हैं। श्री देवांगन का कहना है कि होली जैसे संवेदनशील त्योहार के दौरान शराब बिक्री की अनुमति से सामाजिक तनाव और आपराधिक घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। मनराखन ने इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से जोखिमपूर्ण बताते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उनका तर्क है कि इस तरह के फैसले सामाजिक सौहार्द के बजाय राजस्व बढ़ाने की मंशा को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी की वकालत करती रही लेकिन सत्ता में आने के बाद उसके विपरीत नीतियां लागू की जा रही हैं और प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
विधायक प्रतिनिधि ने चेतावनी दी कि यदि आबकारी नीति में संशोधन नहीं किया गया तो जनस्तर पर विरोध आंदोलन शुरू किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में होली के अवसर पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहता था और त्योहार से पहले पुलिस द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाए जाते थे लेकिन नई नीति के बाद इन व्यवस्थाओं में ढील आने की आशंका जताई जा रही है।

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