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शिक्षकों की पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता शिथिल करने विधायक ने पीएम और सीएम को लिखा पत्र

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के पदाधिकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73 की विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र प्रेषित कर पूर्व से नियुक्त एवं सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता तथा पदोन्नति के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। विधायक ने पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर उचित शिथिलता अथवा संक्रमणकालीन व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया है। विधायक ने पत्र में कहा है कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू सभी निर्धारित शैक्षणिक एवं अन्य योग्यताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। ऐसे में नियुक्ति के बाद लागू किए गए नए प्रावधानों को पूर्व से सेवारत शिक्षकों पर लागू किए जाने से उनकी वरिष्ठता और पदोन्नति के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। 2028 तक टेट उत्तीर्ण करने का अवसरज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सेवारत शिक्षकों को टेट उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा से पहले केवल टेट उत्तीर्ण नहीं होने के आधार पर पूर्व से सेवारत शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। विधायक ने इस संबंध में संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप उचित परीक्षण किए जाने की मांग की है।वरिष्ठता प्रभावित होने की आशंका पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि पदोन्नति के लिए केवल टेट को आधार बनाया जाता है तो लंबे समय से 20 से 25 वर्षों तक सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति के मामले में बाद में नियुक्त शिक्षकों से पीछे हो सकते हैं। इससे शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित होने के साथ उनमें असंतोष की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। सीजीबीएसई से टेट कराने की मांगविधायक ने राज्य में टेट परीक्षा के आयोजन को लेकर भी सुझाव दिया है। उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तर्ज पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के माध्यम से टेट परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है ताकि प्रदेश के सभी पात्र एवं सेवारत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने शासन से आग्रह किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में पूर्व से नियुक्त शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देते हुए संक्रमणकालीन व्यवस्था बनाई जाए। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की पदोन्नति, वरिष्ठता और सेवा सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने शासन से शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया है। विधायक के अनुसार इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ने के साथ प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

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