
दिव्य दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
खैरागढ़ के ग्राम देवरी में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खैरागढ़ के ग्राम देवरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री ने भक्ति के वास्तविक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान राग से नहीं बल्कि अनुराग से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि भजन कीर्तन और साधना में यदि हृदय की सच्ची भावना और प्रेम का अभाव है तो उसका कोई विशेष फल नहीं मिलता। कथा के दौरान उन्होंने मीराबाई से जुड़ा एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि वैराग्य के बाद मीरा का मन पूरी तरह भक्ति में लीन हो गया था। एक बार भजन के पश्चात संतों ने उन्हें राग में भजन गाने की सलाह दी लेकिन मीरा ने ‘राग’ में ‘अनु’ जोड़कर उसे ‘अनुराग’ बना दिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि भक्ति में बाहरी आडंबर से अधिक महत्व अंतर्मन के प्रेम और समर्पण का होता है।आचार्य ने कहा कि पहले भजन केवल भगवान को समर्पित होते थे जिनमें प्रेम, त्याग और सच्चा अनुराग होता था। इसी कारण भक्तों को ईश्वर की अनुभूति सहज ही हो जाती थी। उन्होंने मीराबाई, सूरदास, कबीर, संत ज्ञानेश्वर, तुलसीदास, रैदास और रसखान जैसे संतों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन सभी ने सच्चे अनुराग के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त किया। उन्होंने वर्तमान समय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज भक्ति में भव्य पंडाल आधुनिक साधन और सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ गया है लेकिन सच्चे भाव की कमी दिखाई देती है। कई बार भक्ति के नाम पर प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या का भाव भी देखने को मिलता है जो अंततः दुख का कारण बनता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जीवन के प्रत्येक कर्म को ईश्वर की सेवा मानकर करें जिससे हृदय में प्रेम और त्याग का भाव जागृत होगा और वही अनुराग का रूप ले सकेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री जिन्हें ‘चाय वाले बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है प्रतिदिन सुबह 9 से 12 बजे तक अपना दरबार लगाते हैं। यहां लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर पहुंचते हैं। बताया जाता है कि वे चावल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का आकलन करते हैं और कथा से प्राप्त समस्त चढ़ावा गरीब बेटियों के सहयोग में समर्पित करते हैं। ग्राम देवरी में चल रही इस कथा में स्थानीय ग्रामीणों के साथ साथ दूर-दूर से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना हुआ है।


