
खैरागढ़ और गंडई में चार घंटे तक चला पुलिस का विशेष अभियान
तीन स्थायी वारंट तामील, निगरानीशुदा एवं गुंडा बदमाशों की गतिविधियों की हुई जांच
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से केसीजी पुलिस ने सोमवार देर रात विशेष कॉम्बिंग एवं गश्त अभियान चलाया। यह अभियान 29 जून की रात 12 बजे से 30 जून की सुबह 4 बजे तक थाना खैरागढ़ और थाना गंडई क्षेत्र में एक साथ संचालित किया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सघन निगरानी रखते हुए असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखी। थाना खैरागढ़ क्षेत्र के बरेठपारा, जमातपारा, बख्शी मार्ग, इतवारी बाजार, धरमपुरा, अमलीपारा, दाऊचौरा, बस स्टैंड, शिव मंदिर रोड, राज फैमिली क्षेत्र, गंजीपारा, रश्मि देवी कॉलोनी, खम्हरिया, इंदिरा आवास पारा, अटल आवास तथा पिपरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस टीम ने व्यापक गश्त की वहीं थाना गंडई क्षेत्र के बस स्टैंड, रावणपारा, रामपारा, कोपेभाठा, टिकरीपारा, कुम्हारपारा, पटेलपारा, महामाईपारा, मस्जिदपारा, मल्हापारा, कंडरापारा, नवापारा और देवपुरा में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बैंक, एटीएम, सराफा बाजार, लॉज, ढाबों सहित अन्य संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। पुलिस टीम ने निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा बदमाशों, फरार वारंटियों तथा संदिग्ध व्यक्तियों के घरों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। संबंधित व्यक्तियों से उनकी वर्तमान आजीविका के बारे में पूछताछ की गई तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई। विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने तीन स्थायी वारंटों की तामील की। इसके अलावा नौ निगरानीशुदा बदमाशों और 25 गुंडा बदमाशों के निवास स्थानों पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई की गई तथा उन्हें कानून का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की समझाइश दी गई। रात्रि गश्त के दौरान बिना किसी ठोस कारण के देर रात घूमते मिले लोगों को थाना लाकर उनके परिजनों की उपस्थिति में सुपुर्द किया गया साथ ही भविष्य में अनावश्यक रूप से देर रात सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमने की सख्त हिदायत भी दी गई। जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के विशेष कॉम्बिंग एवं गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे और ऐसे अभियानों से अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ असामाजिक तत्वों में कानून का भय भी बना रहेगा।
