खैरागढ़ विश्वविद्यालय में पं.भातखंडे व पं.पलुस्कर स्मृति समारोह आयोजित

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

मनोरम प्रस्तुतियों को देख कर कुलपति ने दी बधाई
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में संगीत संकाय द्वारा महान हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीतज्ञ पं.विष्णुनारायण भातखंडे एवं पं.विष्णु दिगम्बर पलुस्कर स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो.लवली शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं संरक्षण में विश्वविद्यालय के कैंपस-02 स्थित प्रेक्षागृह में हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का शुभारंभ एम.पी.ए. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने सहायक प्राध्यापक जगदेव नेताम के निर्देशन में राग मियां मल्हार की बंदिश से किया। इसके बाद एम.पी.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने डॉ.लिकेश्वर वर्मा एवं डॉ.दिवाकर कश्यप के मार्गदर्शन में राग मालकौंस की बंदिश प्रस्तुत की। तंत्री विभाग के विद्यार्थियों ने विवेक नवरे के निर्देशन में राग बागेश्री में चतुष्वाद्य की प्रस्तुति दी वहीं अवनद्ध विभाग ने डॉ.हरिओम हरि के मार्गदर्शन में तीन ताल में रेला, बरन और टुकड़े प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.शर्मा ने कहा कि संगीत संकाय द्वारा दो महान विभूतियों को सांगीतिक कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धांजलि देना अत्यंत सराहनीय कार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का वातावरण सकारात्मकता एवं सांगीतिकता से परिपूर्ण है और यही प्रेरणा आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है। इस अवसर पर प्रो.मृदुला शुक्ल (अधिष्ठाता कला संकाय), प्रो.नीता गहरवार (अधिष्ठाता नृत्य संकाय), प्रो.नमन दत्त (अधिष्ठाता संगीत संकाय), प्रभारी कुलसचिव डॉ.सौमित्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समारोह में विद्यार्थियों ने दी यादगार प्रस्तुतियां
समारोह में एम.पी.ए. प्रथम वर्ष व अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों सहित तंत्री एवं अवनद्ध विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया। तबला संगतकार डॉ.शिवनारायण मौरे और हारमोनियम संगतकार सन्नी मोदनवाल ने संगत दी वहीं शोधार्थी कु.रोहिणी साहू और विशाली ने दोनों संगीत विभूतियों के जीवन एवं योगदान पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन एकता नैथानी ने किया।