
सुनवाई नहीं होने पर प्रदर्शन करते सड़क पर बैठी कार्यकर्ताएं

ज्ञापन सौंपे बिना लौटीं हजारों महिला कर्मी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संयुक्त मंच के आह्वान पर सैकड़ों कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन किया। शहर के इतवारी बाजार स्थित रावण भाटा मैदान में आयोजित दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दूसरे दिन आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया। नारेबाजी के बीच आगे बढ़ रही महिलाओं को पुलिस ने कार्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इस दौरान ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार को कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए लौटा दिया कि वे अपना ज्ञापन केवल कलेक्टर या अपर कलेक्टर को ही सौंपेंगी। वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से नाराज कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गईं और देर शाम तक प्रतीक्षा करती रहीं हालांकि कोई जिम्मेदार अधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचा। अंततः शाम करीब 5:30 बजे सभी महिलाएं बिना ज्ञापन सौंपे वापस लौट गईं।

शासकीयकरण और वेतन वृद्धि है प्रमुख मांग

आंदोलनकारी महिलाओं की प्रमुख मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि जिस प्रकार शिक्षा कर्मियों और पंचायत कर्मियों का नियमितीकरण किया गया उसी प्रकार उन्हें भी सरकारी सेवा में समाहित किया जाना चाहिए। जब तक शासकीयकरण नहीं होता तब तक सम्मानजनक वेतन एवं मध्यप्रदेश की तर्ज पर सुविधाएं लागू करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष ₹1000 मानदेय वृद्धि, मासिक पेंशन, बीमा सुविधा, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी, मृत्यु पर एकमुश्त सहायता राशि तथा कार्यकर्ताओं को ₹26,000 और सहायिकाओं को ₹22,000 मासिक वेतन दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। जिलाध्यक्ष लता तिवारी ने कहा कि वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सीमित मानदेय में व्यापक जिम्मेदारियां निभा रही हैं। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को लगभग ₹10,000 और सहायिकाओं को करीब ₹5,000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है जो बढ़ती महंगाई के मद्देनजर अपर्याप्त है। बताया कि पोषण सर्वेक्षण, स्वास्थ्य संबंधी कार्यों सहित अन्य विभागीय दायित्व भी उन्हें निभाने पड़ते हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिले में जारी इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासनिक तंत्र में भी हलचल तेज हो गई है।