
दो कमरों में संचालित हो रही पांच कक्षाएं
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। खैरागढ़ ब्लॉक के बाजार अतरिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदैनी में शासकीय प्राथमिक शाला के लिए स्वीकृत अतिरिक्त भवन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। करीब 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन अब तक पूरा नहीं हो सका है जिसके कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति यह है कि विद्यालय में केवल दो कमरों में ही पढ़ाई संचालित की जा रही है। जगह की कमी के चलते एक कमरे में तीन कक्षाएं और दूसरे कमरे में दो कक्षाएं एक साथ लगानी पड़ रही हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षकों के लिए भी पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से कराना मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार स्कूल में कक्षाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने अतिरिक्त भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की थी। इसके लिए लगभग 24 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की गई थी। पंचायत स्तर पर ठेकेदार को आंशिक भुगतान भी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और पिछले दो वर्षों से काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर अब तक सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि भवन का निर्माण किस योजना के तहत हो रहा है और इसकी स्वीकृत लागत कितनी है। जबकि शासकीय निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य माना जाता है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भवन निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया है और निर्माण के दौरान उचित तरीके से पानी की तराई भी नहीं की गई। इससे भवन की मजबूती को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अधूरे भवन निर्माण की जानकारी कई बार संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों और पालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।