2 किमी की दूरी बचाने के चक्कर में उफनती नदी में उतरे ट्रैक्टर

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। लगातार बारिश के बाद उफान पर आई आमनेर नदी में ट्रैक्टर उतारकर उसे पार करते किसानों का वीडियो सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर ग्राम धनगांव की है जहां धान की बुवाई पूरी कर लौट रहे किसान तेज बहाव के बावजूद ट्रैक्टर लेकर नदी में उतर गए। राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ लेकिन थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी। जानकारी अनुसार धनगांव के किसानों के खेत आमनेर नदी के दूसरी ओर स्थित हैं। आवागमन के लिए करीब दो किलोमीटर की दूरी पर पक्का पुल मौजूद है लेकिन दूरी और समय बचाने के लिए कई किसान सीधे नदी के रास्ते ही आवाजाही करते हैं। शनिवार और रविवार को हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था और पानी तेज बहाव के साथ बह रहा था। इसके बावजूद किसानों ने ट्रैक्टर नदी में उतार दिए। सोशल मिडिया में सामने आए वीडियो में कई ट्रैक्टर चालक बेहद सावधानी से नदी पार करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि सभी सुरक्षित बाहर निकल आए लेकिन जलस्तर और बहाव को देखते हुए यह प्रयास बेहद जोखिम भरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार तेज बहाव में वाहन का संतुलन बिगड़ने या इंजन बंद होने की स्थिति में कुछ ही क्षणों में बड़ा हादसा हो सकता है। हर वर्ष मानसून के दौरान जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लोगों से उफनती नदियों और नालों को पार नहीं करने की अपील करते हैं। इसके बावजूद शॉर्टकट अपनाने की प्रवृत्ति लगातार सामने आती रही है। धनगांव की यह घटना भी इसी लापरवाही का ताजा उदाहरण है।

बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में किसी भी स्थिति में उफनती नदी या नाले को वाहन अथवा पैदल पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। कुछ मिनट बचाने की कोशिश कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से केवल पुल और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है।

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