
स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाने का हुआ आह्वान
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद स्कूल खैरागढ़ में विधिक साक्षरता एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा, वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के अध्यक्ष एवं विद्यालय संस्थापक सचिन बघेल, वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर झा, पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। शिविर में विद्यार्थियों को विधिक अधिकारों और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। पोक्सो अधिनियम व चाइल्ड हेल्पलाइन की दी जानकारी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर ने पोक्सो अधिनियम 2012 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में कानून बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
बाल विवाह साइबर अपराध और नालसा हेल्पलाइन पर जागरूकता
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा ने बाल विवाह निषेध अधिनियम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे पहले विवाह करना या कराना दंडनीय अपराध है। साथ ही उन्होंने साइबर अपराध घरेलू हिंसा और नालसा टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी दी।
शिक्षा को बताया जीवन की सबसे बड़ी शक्ति
वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जैसे शरीर के विकास के लिए भोजन आवश्यक है वैसे ही जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा अनिवार्य है। स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को जोड़ा विद्यालय संस्थापक सचिन बघेल ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं बल्कि आत्मविश्वास और साहस विकसित करने की प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि संस्था पिछले 26 वर्षों से शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य कर रही है।
सतर्कता और जागरूकता ही सुरक्षा का आधार
वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर झा ने विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी समस्या या खतरे की स्थिति में पुलिस अभिभावक या शिक्षकों से मदद लेने में संकोच न करें। मोबाइल के दुरुपयोग से बचते हुए जागरूकता को बड़ी घटनाओं से सुरक्षा का माध्यम बताया। सेवा को बताया सच्ची तपस्या पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पीड़ित और निर्धन की सेवा ही सच्ची तपस्या है। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने गीत एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही।